नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह, कृषि नवाचार और युवा शक्ति पर विशेष ज़ोर

ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह में कृषि नवाचार, शोध, तकनीक और युवा वैज्ञानिकों की भूमिका पर विशेष ज़ोर दिया गया।

ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह

नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 13 फरवरी 2026 को ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह उत्साह, गरिमा और राष्ट्रीय संकल्प के साथ आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि और समारोह के अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक, किसान प्रतिनिधि और मीडिया के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कृषि प्रगति का केंद्र है IARI

शिवराज सिंह चौहान ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि IARI केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की कृषि प्रगति का प्राण केंद्र है। उन्होंने बताया कि हरित क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत इसी संस्थान से हुई और जब भी देश खाद्यान्न संकट से जूझा, तब IARI ने समाधान प्रस्तुत किया।

उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित कृषि और समृद्ध किसान इस संकल्प की आधारशिला हैं। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह इस दिशा में युवा वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की भूमिका को मज़बूत करने का अवसर है।

विद्यार्थियों को कृषि नेतृत्व की ज़िम्मेदारी निभाने का संदेश

शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि भविष्य के कृषि नेता हैं। उनकी खोजें आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कृषि में 5 प्रतिशत वृद्धि दर बनाए रखने और विज्ञान आधारित, टिकाऊ तथा समावेशी कृषि मॉडल अपनाने पर बल दिया।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण, जल संकट और पोषण सुरक्षा जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचार और अनुसंधान को अनिवार्य बताया। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह इन चुनौतियों से निपटने के लिए नई पीढ़ी को तैयार करने का मंच बना।

नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह, कृषि नवाचार और युवा शक्ति पर विशेष ज़ोर

आधुनिक तकनीक और Lab to Land पर ज़ोर

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने जल संरक्षण, माइक्रो इरिगेशन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, प्राकृतिक खेती और जैविक इनपुट के प्रसार पर ज़ोर दिया। उन्होंने ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट कृषि तकनीकों के उपयोग को भी आवश्यक बताया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि Lab to Land केवल नारा नहीं, बल्कि हर वैज्ञानिक की ज़िम्मेदारी है। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह इस विचार को आगे बढ़ाने का प्रतीक बना, जहां शोध को सीधे खेत तक पहुंचाने की बात दोहराई गई।

युवाओं को Job Seeker नहीं Job Creator बनने की प्रेरणा

शिवराज सिंह चौहान ने युवा शक्ति की भूमिका पर विशेष ज़ोर देते हुए विद्यार्थियों को Job Seeker के बजाय Job Creator बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने एग्री स्टार्टअप, एग्री प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों को बाज़ार से जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि संस्थान के पुनर्विकास के तहत आधुनिक प्रयोगशालाएं, एग्री इनोवेशन पार्क और स्टार्टअप इनक्यूबेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह इस परिवर्तन की झलक दिखाता है।

470 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियां

संस्थान के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष कुल 470 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 290 एमएससी और एमटेक तथा 180 पीएचडी छात्र शामिल हैं। विद्यार्थियों से नैतिकता, वैज्ञानिक सत्यनिष्ठा और सामाजिक प्रतिबद्धता को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया गया।

इस प्रकार ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का उत्सव नहीं रहा, बल्कि ज़िम्मेदारी और समाज सेवा का संदेश भी देता नज़र आया।

नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह, कृषि नवाचार और युवा शक्ति पर विशेष ज़ोर

उत्कृष्ट विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों का सम्मान

समारोह के दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कई विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। चयनित पीएचडी और एमएससी छात्रों को मेरिट मेडल प्रदान किए गए। वर्ष 2025 के लिए विशेष छात्र पुरस्कार और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए। वैज्ञानिक संकाय को उनके अनुसंधान योगदान के लिए विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इन सम्मानों ने ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह को प्रेरणादायी और उपलब्धियों से भरपूर बना दिया।

वैश्विक पहचान की ओर बढ़ती भारतीय कृषि अनुसंधान प्रणाली

समारोह में यह भी बताया गया कि भारतीय कृषि अनुसंधान प्रणाली वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है। जलवायु स्मार्ट कृषि, जैव प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचारों के माध्यम से देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा को मज़बूत किया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि केवल अर्थव्यवस्था का स्तंभ नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आजीविका और आत्मनिर्भरता का आधार है। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह इसी सोच को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बना।

कृषि नवाचार से विकसित भारत की दिशा

समारोह का समापन प्रेरक संदेश के साथ हुआ, जिसमें कृषि अनुसंधान, नवाचार और युवा नेतृत्व के माध्यम से भारत की कृषि उन्नति का विश्वास व्यक्त किया गया। ICAR-IARI का 64वां दीक्षांत समारोह ने यह स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक शोध, आधुनिक तकनीक और युवा प्रतिभा मिलकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं।

इस आयोजन ने एक बार फिर यह दिखाया कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के ज़रिए भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मज़बूत पहचान बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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