Table of Contents
हमारी रसोई की शान और सेहत का ख़ज़ाना, शहद (Honey) आज सिर्फ एक स्वीटनर नहीं, बल्कि एक पावरहाउस सुपरफूड (Powerhouse Superfood Honey) बन चुका है। आयुर्वेद इसे ‘अमृत’ तक कहता है, तो विज्ञान इसके Anti-bacterial and antioxidant properties की तस्दीक करता है। लेकिन एक डरावना सच ये है कि आज बाजार में बिक रहा ज्यादातर ‘Honey’ महज एक मीठा सिरप है, जो आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। तो सवाल ये है कि आप जो शहद (Real vs Fake Honey) खा रहे हैं, क्या वो वाकई में शहद है?
क्यों बढ़ रही है नकली शहद की समस्या?
शहद की बढ़ती लोकप्रियता ने इसके बाजार को तेजी से बढ़ाया है। इस मांग ने कुछ बेईमान निर्माताओं के लिए एक सुनहरा मौका पैदा किया है। वे सस्ते और नुकसादनदायक केमिकल्स का इस्तेमाल करके ऐसा प्रोडक्ट तैयार करते हैं जो देखने, स्वाद और महक में असली शहद जैसा ही लगता है।
डीप रिसर्च: नकली शहद में क्या मिलाया जाता है?
Experts के अनुसार, नकली शहद बनाने के लिए मुख्य रूप से हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप (HFCS), चीनी सिरप, ग्लूकोज सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर (High-fructose corn syrup (HFCS), sugar syrup, glucose syrup, and artificial sweeteners) का इस्तेमाल किया जाता है। हैरान करने वाली बात ये है कि ये सिरप अक्सर चीन जैसे देशों से आयात किए जाते हैं और एडिटिव्स की मदद से उनका कलर और स्वाद असली शहद जैसा बना दिया जाता है। प्रोसेसिंग इतनी एडवांस हो गई है कि कई बार लैब टेस्ट में भी इस नकली शहद की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
असली बनाम नकली: सेहत पर क्या पड़ता है असर?
ये सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि आपकी हेल्थ का सवाल है।
असली शहद एक औषधि है:
1.इसमें Naturally एंजाइम्स (जैसे ग्लूकोज ऑक्सीडेज), विटामिन्स, मिनरल्स, एमिनो एसिड और पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
2.ये प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, गले की ख़राश में आराम देता है, पाचन को दुरुस्त रखता है और एनर्जी का अच्छा सोर्स है।
नकली शहद एक जहर है:
1.ये महज खाली कैलोरी है, जिसमें पोषक तत्वों ना के बराबर होते हैं।
2. इसमें मौजूद रिफाइंड शुगर और सिरप (Refined sugar and syrup) लिवर पर एक्स्ट्रा दबाव डालते हैं, जिससे Fatty Liver की प्रॉब्लम हो सकती है।
3.ये ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ाता है, जो Diabetes के मरीजों के लिए ख़तरनाक है।
4.लंबे वक्त तक इसके सेवन से किडनी की बीमारी, मोटापा और Heart Related issues का खतरा बढ़ सकता है।
घर बैठे करें शहद की असलियत की जांच: आजमाएं ये 5 जबरदस्त तरीके
लैब टेस्ट के अलावा, कुछ आसान घरेलू टेस्ट आपको शहद की प्योरिटी का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।
1.पानी टेस्ट (सबसे आसान):
एक गिलास सादे पानी में एक चम्मच शहद डालें। असली शहद अपने गाढ़ेपन के कारण बिना घुले कप की तली में बैठ जाएगा। नकली शहद पानी में तुरंत घुलने लगेगा या फैल जाएगा।
2.आग टेस्ट (सबसे भरोसेमंद):
एक मोमबत्ती की बत्ती या कॉटन के फाहे को शहद में डुबोकर निकालें और उसे जलाने की कोशिश करें। असली शहद में आग पकड़ने का गुण होता है और बत्ती आसानी से जल उठेगी। नकली शहद में मौजूद नमी के कारण बत्ती जलने के बजाय सुलगने लगेगी या बुझ जाएगी।
3.अंगूठे का टेस्ट:
अपने अंगूठे पर शहद की एक बूंद रखें। असली शहद चिपचिपा और गाढ़ा होता है, वो आसपास नहीं फैलेगा। नकली शहद पतला होता है और आपके अंगूठे के आसपास फैल जाएगा।
4.गर्म चम्मच टेस्ट:
एक स्टील की चम्मच में थोड़ा सा शहद लेकर उसे हल्की आंच पर गर्म करें। असली शहद Caramelized होकर गाढ़ा और गहरे रंग का हो जाएगा और झाग देगा, लेकिन जलेगा नहीं। नकली शहद में मौजूद एक्स्ट्रा वॉटर और केमिकल्स के कारण वो जलकर काले रंग का हो सकता है या तेजी से बबल करने लगेगा।
5.ब्लॉटिंग पेपर टेस्ट:
एक सफेद ब्लॉटिंग पेपर या तह किए गए टिश्यू पेपर पर शहद की एक बूंद डालें। असली शहद पेपर पर ही रहेगा और उसे भीगने में वक्त लगेगा। नकली शहद तुरंत ही पेपर को भिगोकर दूसरी side तक पहुंच जाएगा या गीला दाग छोड़ देगा।
शहद ख़रीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
1.भरोसेमंद सोर्स: किसी Reputed और FSSAI Licensee ब्रांड से ही शहद खरीदें।
2.लोकस प्रोड्यूसर: अगर मुमकिन हो तो सीधे किसी लोकल मधुमक्खी पालक (Beekeepers) से कच्चा और अनफिल्टर्ड शहद खरीदना सबसे बेहतर ऑप्शन है।
3.लेबल पढ़ें: पैकेज पर FSSAI, AGMARK, या ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के लोगो ज़रूर देखें।
4.कीमत पर संदेह करें: असली शहद की कीमत प्रोसेसिंग और गुणवत्ता के हिसाब से ज्यादा होती है। बहुत सस्ता शहद हमेशा संदेह के घेरे में रहता है।
शहद प्रकृति का एक अनमोल तोहफा है, लेकिन तभी जब वो प्योर हो। नकली शहद सिर्फ एक धोखा ही नहीं, बल्कि आपके हेल्थ के साथ एक खतरनाक खिलवाड़ है। अगली बार जब भी शहद खरीदें, थोड़ी सतर्कता ज़रूर बरतें।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
इसे भी पढ़िए: How To Identify Fake Seeds: नकली बीजों की पहचान कैसे करें? किसानों के लिए ज़रूरी गाइड

