किसानों के हित में ऐतिहासिक सुधार, Seed Act 2026 की ख़ास बातें सामने लाए शिवराज सिंह चौहान

Seed Act 2026 के जरिए शिवराज सिंह चौहान ने नक़ली बीजों पर सख़्ती, ट्रेसबिलिटी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज सुनिश्चित करने की जानकारी दी।

Seed Act 2026 शिवराज सिंह चौहान

केंद्र सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और नक़ली बीजों की समस्या से पूरी तरह निपटने के लिए नया कानून लाने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया को Seed Act 2026 की प्रमुख विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये कानून किसानों की सुरक्षा, बीज की गुणवत्ता और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

हर बीज की पूरी जानकारी मिलेगी किसानों को

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि Seed Act 2026 के तहत देशभर में एक seed traceability system लागू किया जाएगा। इस सिस्टम के जरिए ये पता चल सकेगा कि बीज कहां पैदा हुआ, किस dealer ने सप्लाई किया और किसने उसे बेचा। हर seed packet पर QR code होगा, जिसे scan करके किसान बीज से जुड़ी पूरी जानकारी देख सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से नक़ली या घटिया बीज बेचने वालों की पहचान तुरंत हो सकेगी और समय रहते उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकेगी।

घटिया बीजों के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं

केंद्रीय मंत्री ने साफ़ कहा कि Seed Act 2026 लागू होने के बाद घटिया या substandard seeds को बाज़ार में घुसने ही नहीं दिया जाएगा। अगर फिर भी कोई ऐसा करता है, तो traceability के जरिए उसे तुरंत पकड़ लिया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक़, इससे उन कंपनियों और dealers पर रोक लगेगी, जो किसानों को गुमराह कर नुकसान पहुंचाते हैं।

बीज कंपनियों का पंजीकरण होगा अनिवार्य

नए कानून के तहत हर seed company का registration ज़रूरी होगा। Seed Act 2026 के प्रावधानों के अनुसार केवल registered और authorized कंपनियां ही बीज बेच सकेंगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे फ़र्जी कंपनियों का खेल ख़त्म होगा और किसानों को भरोसेमंद स्रोतों से ही बीज मिलेंगे।

किसानों के हित में ऐतिहासिक सुधार, Seed Act 2026 की ख़ास बातें सामने लाए शिवराज सिंह चौहान

परंपरागत बीज प्रणाली पर कोई रोक नहीं

कई किसानों की चिंता को दूर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ़ किया कि Seed Act 2026 से traditional seeds पर कोई पाबंदी नहीं लगेगी। किसान अपने बीज खुद बो सकेंगे और आपस में बीजों का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांवों में बोनी के समय बीज उधार देने और बाद में थोड़ा ज़्यादा लौटाने जैसी परंपराएं पहले की तरह चलती रहेंगी।

नक़ली बीज बेचने पर भारी जुर्माना और सज़ा

नए कानून में सख़्त सज़ा का प्रावधान रखा गया है। Seed Act 2026 के तहत नक़ली या घटिया बीज बेचने पर ₹30 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर कोई जानबूझकर ऐसा अपराध करता है, तो उसके लिए सज़ा का भी प्रावधान होगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले कानून में जुर्माना बहुत कम था, जिससे ग़लत काम करने वालों में डर नहीं था। अब zero tolerance की नीति अपनाई जाएगी।

ICAR और भारतीय कंपनियों को मिलेगा मज़बूत समर्थन

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि Seed Act 2026 में तीन स्तरों पर व्यवस्था की गई है। पहला, public sector जिसमें ICAR, कृषि विश्वविद्यालय और Krishi Vigyan Kendras शामिल हैं। दूसरा, देश की निजी seed companies जो अच्छी गुणवत्ता के बीज बनाती हैं। तीसरा, foreign seeds के लिए एक सख़्त evaluation system।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले बीजों को पूरी जांच और testing के बाद ही मंजूरी दी जाएगी, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें।

किसानों को जागरूक करने पर भी ज़ोर

शिवराज सिंह चौहान ने माना कि किसानों में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि ‘Viksit Krishi Sankalp Abhiyan’ जैसे अभियानों के जरिए scientists, officers और progressive farmers गांव-गांव जाकर किसानों को seed quality, सही seed selection और शिकायत निवारण के बारे में जानकारी देंगे।

देशभर के 731 Krishi Vigyan Kendras को भी Seed Act 2026 के बारे में किसानों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

तीन साल तक की जेल और भारी जुर्माना

केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि Seed Act 2026 के तहत जो लोग जानबूझकर नक़ली या घटिया बीज तैयार करते हैं या बेचते हैं, उन्हें तीन साल तक की जेल और ₹30 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को न्याय दिलाने के लिए कानून को मज़बूत बना रही है।

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1966 के पुराने कानून की जगह आधुनिक व्यवस्था

उन्होंने बताया कि मौजूदा Seed Act 1966 ऐसे समय का कानून था, जब न digital technology थी और न data systems। Seed Act 2026 को traceability, digital records और accountability पर आधारित बनाया गया है, ताकि भविष्य में कोई भी किसान ठगा न जाए।

राज्यों के अधिकार रहेंगे सुरक्षित

कुछ राज्यों की चिंता पर जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती राज्य का विषय है और राज्यों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। Seed Act 2026 में केंद्र की भूमिका coordination तक सीमित होगी और कानून राज्यों के सहयोग से लागू किया जाएगा।

हर किसान तक सही बीज पहुंचाना लक्ष्य

अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Seed Act 2026 का मक़सद साफ़ है—हर किसान को सही, सुरक्षित और भरोसेमंद बीज मिले। अच्छी कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और ग़लत काम करने वालों पर सख़्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने भरोसा जताया कि Seed Act 2026 से किसानों का भरोसा बढ़ेगा, कृषि उत्पादन मज़बूत होगा और देश की खेती को नई दिशा मिलेगी।

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