बिहार की ‘Sugarcane Mechanization Scheme’ बनी किसानों के लिए वरदान, सरकार दे रही है 60 फीसदी तक सब्सिडी

बिहार के गन्ना उद्योग विभाग (Sugarcane Industry Department) की महत्वाकांक्षी 'गन्ना यंत्रीकरण योजना' ('Sugarcane Mechanization Scheme) के तहत राज्य के 324 किसानों को मशीन ख़रीदने की परमिट जारी की गई है, जिसमें से 300 से ज़्यादा किसान मशीनें खरीद भी चुके हैं।

बिहार की 'Sugarcane Mechanization Scheme' बनी किसानों के लिए वरदान, सरकार दे रही है 60 फीसदी तक सब्सिडी

बिहार में गन्ने की खेती (Sugarcane Farming in Bihar) अब पूरी तरह बदलने वाली है। राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है, जहां अब खेत की जुताई से लेकर गन्ने की कटाई तक का काम मशीनें करेंगी और किसानों को इसका खर्चा भी नहीं उठाना पड़ेगा। गन्ना उद्योग विभाग (Sugarcane Industry Department) की महत्वाकांक्षी ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ (‘Sugarcane Mechanization Scheme) के तहत राज्य के 324 किसानों को मशीन ख़रीदने की परमिट जारी की गई है, जिसमें से 300 से ज़्यादा किसान मशीनें खरीद भी चुके हैं।

क्यों ज़रूरी है ये योजना?

बिहार में परंपरागत रूप से गन्ने की खेती में शारीरिक श्रम का बोलबाला रहा है। वक्त पर मजदूर न मिलना, बढ़ती मजदूरी और खेती की लागत ने किसानों की कमर तोड़ दी थी। ऐसे में राज्य सरकार ने इस योजना के ज़रीये से गन्ना खेती को ‘व्यावहारिक’ और ‘मुनाफे का सौदा’ बनाने की ठानी है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि वक्त की बचत होगी, लागत घटेगी और प्रोडक्शन भी बढ़ेगा।

कैसे काम करेगी योजना? (Scheme Details)

गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार, ये योजना पूरी तरह से पारदर्शी और किसानों के हित में है। फरवरी महीने में सूबे के विभिन्न चीनी मिल क्षेत्रों में विशेष शिविर (कैंप) लगाए गए। 5-6 फरवरी को बगहा, लौरिया, मझौलिया, नरकटियागंज और हरिनगर में कैंप लगे। इसके बाद 9-10 फरवरी को सुगौली, सिधवलिया, विष्णु और प्रतापपुर में तथा 11-12 फरवरी को हसनपुर (समस्तीपुर) और 13-14 फरवरी को रीगा (सीतामढ़ी) में शिविर आयोजित किए गए।

इन शिविरों में किसानों को मशीनों की प्रदर्शनी दिखाई गई और उनके फायदे समझाए गए। किसानों ने वहीं पर मशीनों की एडवांस बुकिंग और ख़रीदारी की।

किन मशीनों पर मिल रही सब्सिडी? (List of Machines)

योजना के तहत गन्ना उत्पादन से जुड़ी 11 तरह की अत्याधुनिक मशीनों को शामिल किया गया है- 

  1. डिस्क हैरो (खेत जुताई के लिए)
  2. पावर वीडर (निराई-गुड़ाई के लिए)
  3. पावर टिलर (खेत की तैयारी के लिए)
  4. लैंड लेवलर और लेजर लेवलर (जमीन समतल करने के लिए)
  5. रैटून मैनेजमेंट डिवाइस (पुरानी फसल के प्रबंधन के लिए)
  6. रोटावेटर
  7. मिनी ट्रैक्टर 4WD
  8. ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर (दवा छिड़काव के लिए)
  9. शुगरकेन कटर प्लांटर (बुवाई के लिए)
  10. हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो

कितनी मिलेगी सब्सिडी? (Subsidy Percentage)

सबसे बड़ी राहत की बात ये है कि सरकार इन महंगी मशीनों की कीमत पर 50 से 60 फीसदी तक की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है। यानी अगर कोई मशीन 1 लाख रुपये की है, तो किसान को सिर्फ 40 से 50 हजार रुपये ही देने होंगे, बाकी पैसा सरकार उठाएगी। ये किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

क्या है विभाग की आगे की योजना?

गन्ना उद्योग विभाग का कहना है कि ये सिर्फ शुरुआत है। कैंपों में मिली जबरदस्त सफलता को देखते हुए आने वाले दिनों में राज्य के दूसरे हिस्सों में भी इस तरह के मशीनीकरण (mechanization) कैंप लगाए जाएंगे। विभाग का टारगेट है कि हर गन्ना किसान तक ये योजना पहुंचे और बिहार को गन्ना उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए।

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