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आज World Cashew Day है। ये छोटा-सा दिखने वाला ड्राई फ्रूट असल में एक बहुत बड़े उद्योग, सेहत का खज़ाना और किसानों की आमदनी का ज़रिया है। चलिए, इस मौके पर काजू (Cashew) की पूरी कहानी जानते हैं।
कहां से आया ये टेस्टी काजू?
काजू का पेड़ मूल रूप से ब्राजील (Brazil) का वासी है। 16वीं सदी में पुर्तगाली खोजकर्ता इसे भारत लाए और फिर यहीं से इसकी यात्रा पूरी दुनिया में शुरू हुई। आज भारत और वियतनाम दुनिया में काजू उत्पादन के बड़े देश हैं। भारत में इसकी खेती ख़ासकर केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में होती है।
काजू उगाना एक मेहनत का काम
काजू की खेती (Cashew cultivation) के बारे में सबसे दिलचस्प फैक्ट ये है कि हम जिसे काजू कहते हैं, वो असल में फल का बीज है। काजू का पेड़ लगभग 10-12 मीटर ऊंचा होता है और इसे फल आने में लगभग 3-4 साल लगते हैं।
1.फल और नट: काजू के पेड़ पर एक मीठा और रसीला फल लगता है, जिसे ‘काजू सेब’ (Cashew Apple) कहते हैं। इस फल के नीचे एक सख्त खोल होता है, और उस खोल के अंदर छिपा होता है हमारा प्यारा काजू।
2.प्रोसेसिंग की चुनौती: काजू को उसके खोल से निकालना बेहद खतरनाक काम है। इसके खोल में एक तेज तेल (CNSL) होता है, जो स्किन पर लग जाए तो जलन पैदा कर सकता है। इसीलिए इसे ख़ास तरीके से भूनकर और सावधानी से तोड़कर निकाला जाता है। पहले ये काम हाथ से होता था, लेकिन अब मशीनों से किया जाने लगा है।
3.जलवायु और मिट्टी: काजू के पेड़ को गर्म और आर्द्र जलवायु पसंद है। ये समुद्र तट के पास की रेतीली और दोमट मिट्टी में अच्छी तरह विकसित होता है।
सेहत का खज़ाना है काजू
काजू सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत से भी भरपूर है।
- दिल का दोस्त: इसमें Good Cholesterol (HDL) बढ़ाने वाला मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जो दिल के लिए फायदेमंद है।
- हड्डियों की मजबूती: काजू में मैग्नीशियम और कॉपर भरपूर मात्रा में होता है, जो हड्डियों को मज़बूत बनाता है।
- खून की कमी दूर करे: आयरन से भरपूर काजू एनीमिया से लड़ने में मददगार है।
- आंखों की रोशनी: इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स आंखों को स्वस्थ रखते हैं।
- एनर्जी बूस्टर: ये प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जो तुरंत ऊर्जा देता है।
कुछ रोचक तथ्य (Interesting Facts)
बेकार का नहीं है कुछ भी
काजू से निकलने वाला जो जलन पैदा करने वाला तेल (CNSL) है, उसका इस्तेमाल पेंट, प्लास्टिक और यहां तक कि ब्रेक लाइनिंग बनाने में भी होता है।
काजू सेब भी है यूज़फुल
भारत में काजू सेब का इस्तेमाल जूस, जैम, सिरका और यहां तक कि शराब बनाने के लिए भी किया जाता है।
महंगा क्यों होता है काजू?
काजू की मेहनतभरी खेती, जोखिम भरी प्रोसेसिंग और हाथ से किए जाने वाले अधिकांश काम की वजह से यह महंगा होता है।
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