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World Wetlands Day 2026 से पहले भारत ने वेटलैंड संरक्षण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि देश के दो महत्वपूर्ण वेटलैंड्स को Ramsar List में शामिल किया गया है। ये दोनों स्थल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित वेटलैंड्स की सूची का हिस्सा बन गए हैं, जो भारत की पर्यावरण संरक्षण नीति को और मज़बूती देता है।
World Wetlands Day 2026 से पहले आई खुशखबरी
World Wetlands Day 2026 से ठीक पहले ये घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया भर में वेटलैंड्स के संरक्षण और उनके महत्व पर चर्चा तेज हो रही है। मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले स्थित Patna Bird Sanctuary और गुजरात के कच्छ जिले का Chhari-Dhand अब Ramsar Sites की सूची में शामिल हो चुके हैं।
World Wetlands Day 2026 के अवसर पर ये कदम भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत देश अपने प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता को संरक्षित करने पर लगातार काम कर रहा है।
Ramsar नेटवर्क में भारत की तेज़ बढ़त
भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का Ramsar नेटवर्क बीते वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2014 में जहां भारत में केवल 26 Ramsar Sites थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 98 हो चुकी है। ये लगभग 276 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
World Wetlands Day 2026 के संदर्भ में ये आंकड़ा इसलिए भी अहम है, क्योंकि ये दिखाता है कि भारत ने वेटलैंड संरक्षण को केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ज़मीन पर ठोस काम किया है।
Patna Bird Sanctuary का पर्यावरणीय महत्व
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित Patna Bird Sanctuary लंबे समय से पक्षी प्रेमियों और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए ख़ास रहा है। World Wetlands Day 2026 के मौके पर इस स्थल को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता इसकी जैव विविधता को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाती है।
ये वेटलैंड सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, जिससे ये क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है।
Chhari-Dhand वेटलैंड की ख़ास पहचान
गुजरात के कच्छ जिले में स्थित Chhari-Dhand भी अब Ramsar List का हिस्सा बन चुका है। World Wetlands Day 2026 के आसपास इस घोषणा से ये साफ़ होता है कि शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में स्थित वेटलैंड्स भी पर्यावरण संतुलन के लिए कितने ज़रूरी हैं।
Chhari-Dhand न केवल पक्षियों के लिए, बल्कि कई वन्य जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां चिंकारा, भेड़िये, कैराकल, डेजर्ट कैट और डेजर्ट फॉक्स जैसे जीव पाए जाते हैं। इसके अलावा कई संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियां भी इस क्षेत्र को अपना घर बनाती हैं।
जैव विविधता संरक्षण की दिशा में मज़बूत कदम
World Wetlands Day 2026 का मुख्य उद्देश्य वेटलैंड्स के महत्व को समझाना और उनके संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना है। Patna Bird Sanctuary और Chhari-Dhand को मिली ये अंतरराष्ट्रीय मान्यता इस लक्ष्य को और मज़बूती देती है।
भूपेंद्र यादव के अनुसार, वेटलैंड्स केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये जलवायु संतुलन, बाढ़ नियंत्रण, भूजल रिचार्ज और जैव विविधता संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं।
Ramsar Convention से भारत का जुड़ाव
भारत Ramsar Convention का हस्ताक्षरकर्ता देश है। ये अंतरराष्ट्रीय समझौता 1971 में ईरान के Ramsar शहर में हुआ था। भारत ने 1 फ़रवरी 1982 को इस संधि को अपनाया। इसके तहत, ख़ास संरक्षण मूल्य वाले वेटलैंड्स को “Wetlands of International Importance” के रूप में चिन्हित किया जाता है।
World Wetlands Day 2026 के मौके पर भारत का बढ़ता Ramsar नेटवर्क ये दिखाता है कि देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपने वेटलैंड्स के संरक्षण और प्रबंधन को गंभीरता से ले रहा है।
स्थानीय समुदायों और वन्य जीवन को लाभ
इन दोनों नए Ramsar Sites से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इसका सकारात्मक असर मिलेगा। World Wetlands Day 2026 के संदर्भ में ये बात अहम है कि संरक्षित वेटलैंड्स से इको-टूरिज्म, स्थानीय रोज़गार और आजीविका के नए अवसर भी बनते हैं।
साथ ही, इन क्षेत्रों में रहने वाले वन्य जीवों और पक्षियों को सुरक्षित आवास मिलता है, जिससे उनकी संख्या और प्रजातियों का संरक्षण संभव हो पाता है।
भारत की वैश्विक छवि को मज़बूती
World Wetlands Day 2026 से पहले दो नए वेटलैंड्स को मिली ये मान्यता भारत की वैश्विक छवि को भी मज़बूत करती है। ये दिखाता है कि भारत केवल विकास पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय पहचान भारत के प्रयासों और नीतियों पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है।
निष्कर्ष
World Wetlands Day 2026 से पहले Patna Bird Sanctuary और Chhari-Dhand का Ramsar List में शामिल होना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ये कदम न केवल जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी अहम साबित होगा।
World Wetlands Day 2026 के अवसर पर ये संदेश साफ़ है कि वेटलैंड्स का संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि मानव जीवन और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
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