किसानों के लिए क्या नया होगा Budget 2026-27 में? एग्री-बिज़नेस के मौके,डिजिटल खेती को कैसे मिलेगा बढ़ावा, पढ़े इस लेख में

एग्रीकल्चर के लिए Budget 2026-27 के लिए पिछले बजटों के ट्रेंड्स, चुनौतियों और सरकार की घोषित नीतियों के आधार पर, यहां एक रिसर्च बेस्ड लेख पेश है।  

किसानों के लिए क्या नया होगा Budget 2026-27 में? एग्री-बिज़नेस के मौके,डिजिटल खेती को कैसे मिलेगा बढ़ावा, पढ़े इस लेख में

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) में कृषि की भूमिका को देखते हुए, Budget 2026-27 में किसान कल्याण (Farmer Welfare) एक प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है। पिछले बजटों के ट्रेंड्स, चुनौतियों और सरकार की घोषित नीतियों के आधार पर, यहां एक रिसर्च बेस्ड लेख पेश है।  

बजट आवंटन का अनुमानित स्वरूप

मौजूदा Commitments and inflation को ध्यान में रखते हुए, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture and Farmers Welfare) का कुल आवंटन 1.6 से 1.8 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। इसमें PM-KISAN (लगभग 75,000 करोड़), National Agricultural Development Scheme (20,000+ करोड़) औरAgricultural loan subsidies  जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए कोर फंड शामिल होंगे।

प्रमुख संभावित फोकस एरिया

1.Climate-Tolerant Agriculture पर फ़ोकस 

  • बजट का प्रभाव: Agri-Meteorology और माइक्रो इरिगेशन (Micro irrigation) के लिए स्पेशल फंड का प्रावधान।
  • रीज़न: बार-बार आने वाले असमय मानसून, सूखा और बाढ़ के मद्देनजर, बजट जलवायु-अनुकूल बीजों, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के विस्तार पर खर्च बढ़ा सकता है। नेशनल इनिशिएटिव फॉर क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर (NICRA) के बजट में बढ़ोतरी मुमकिन है।

2.Digital और Precision Farming को बढ़ावा 

  • बजटीय प्रभाव: ड्रोन, सेंसर और AI- बेस्ड सल्यूशन पर सब्सिडी/क्रेडिट लिंक्ड प्रोत्साहन।
  • रीज़न: डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए, बजट में किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान (Accurate weather forecast), मृदा परीक्षण-आधारित इनपुट सिफारिशें (Soil test-based input recommendations) और मार्केट लिंकेज (Market linkage) प्रदान करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट पर निवेश शामिल हो सकता है। ड्रोन खरीद पर 40-50 फीसदी तक की एक्स्ट्रा सब्सिडी की घोषणा हो सकती है।

3.Agro-Processing और Export में तेज़ी

  • बजटीय प्रभाव: माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) और स्टार्टअप्स के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का विस्तार।
  • रीज़न: उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने के लिए, बजट कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टरों, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स के लिए अवसंरचना निधि (अग्री-इंफ्रा फंड) को मजबूत कर सकता है।  

Union Budget (2026-27) किसानों के लिए कई नई योजनाएं और फायदे लेकर आ सकता है। सरकार के पिछले ट्रेंड और देश में किसानों की मौजूदा मुश्किलों को देखते हुए, यहां बताया गया है कि बजट में क्या-क्या होने की उम्मीद की जा सकती है।

किसानों के लिए बजट आवंटन

अनुमान है कि कृषि और किसान कल्याण पर खर्च करने के लिए सरकार 1.5 से 1.7 लाख करोड़ रुपये दे सकती है। इसमें पीएम-किसान सम्मान निधि (हर साल 6,000 रुपये), सस्ता कर्ज, फसल बीमा और नई योजनाओं के लिए पैसा शामिल होगा।

बजट के मेन मुद्दे क्या हो सकते हैं?

1.मौसम की मार से बचाव

  • क्या मिल सकता है: सूखा, बाढ़ या हैवी रेनफॉल से बचाव के लिए ख़ास बीजों (क्लाइमेट रेजिलिएंट वैरायटी) पर ज़्यादा सब्सिडी। खेत में ड्रिप और स्प्रिंकलर (माइक्रो इरिगेशन) लगाने वालों को और ज़्यादा पैसा (सब्सिडी)।
  • वजह: पिछले कुछ सालों में मौसम का मिजाज बहुत बिगड़ा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। इसलिए सरकार ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देगी जिससे किसान मौसम के उतार-चढ़ाव से निपट सकें।

किसानों के लिए क्या नया होगा Budget 2026-27 में? एग्री-बिज़नेस के मौके,डिजिटल खेती को कैसे मिलेगा बढ़ावा, पढ़े इस लेख में

2.मॉर्डन और डिजिटल खेती 

  • क्या मिल सकता है: खेती के ड्रोन पर 40 फीसदी से ज्यादा की सब्सिडी। मोबाइल ऐप के जरिए मौसम की जानकारी, मिट्टी की जांच और बाजार भाव पता करने की सुविधा को और बेहतर बनाना।
  • वजह: आजकल हर चीज डिजिटल हो रही है, खेती भी इससे अछूती नहीं है। ड्रोन से दवा छिड़काव हो या ऐप से मंडी का भाव पता चले, इससे किसान की लागत कम होगी और उसे सही टाइम पर सही फैसला लेने में मदद मिलेगी।

3.किसानों की आमदनी बढ़ाने पर ज़ोर

  • क्या मिल सकता है: गांव में ही छोटे-छोटे प्रोसेसिंग प्लांट (जैसे आचार, चिप्स, जूस बनाने की यूनिट्स) लगाने के लिए सस्ता कर्ज। किसानों को सीधा बड़े बाजारों या कंपनियों से जोड़ने (From farm gate to market gate) के लिए नई स्कीम।
  • वजह: सिर्फ फसल उगाने से ज्यादा फायदा नहीं होता। अगर किसान अपनी फसल को थोड़ा प्रोसेस करके बेचेगा (जैसे टमाटर से सॉस बनाना), तो उसे ज्यादा पैसा मिलेगा। साथ ही, अगर बिचौलिये कम होंगे, तो किसान को उसकी फसल का सही दाम मिल पाएगा।

4.बीज, खाद और बिजली पर राहत

  • क्या मिल सकता है: यूरिया जैसी केमिकल खादों पर सब्सिडी जारी रहेगी, लेकिन जैविक खाद और प्राकृतिक खेती (Organic fertilizers and natural farming) को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रोत्साहन मिल सकता है।
  • वजह: रासायनिक खाद और बिजली की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है। सरकार को किसानों को इस झटके से बचाना होगा। साथ ही, ज़मीन की सेहत के लिए नैचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

5.फसल बीमा और कर्ज़ में सुधार

  • क्या मिल सकता है: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को और आसान बनाया जा सकता है, ताकि दावा जल्दी और आसानी से मिल सके। नए किसानों और पशुपालकों को आसान और सस्ता कर्ज देने पर जोर।
  • वजह: कई बार किसान फसल बीमा के दावों के चक्कर में फंस जाते हैं। इस व्यवस्था को ठीक करना ज़रूरी है ताकि आपदा आने पर किसान को तुरंत मदद मिले। खेती के लिए पूंजी की कमी न रहे, इसके लिए कर्ज की सुविधा को बेहतर बनाया जाएगा।

किसानों की उम्मीदों का बजट

कुल मिलाकर, बजट 2026 में किसानों से जुड़े तीन बड़े मुद्दों पर फोकस रहने की संभावना है-

1.खेती की लागत कम करना (सस्ता इनपुट, बेहतर बीमा)।

2.किसान की आमदनी बढ़ाना (प्रोसेसिंग, बेहतर बाज़ार)।

3.खेती को मॉर्डन और मज़बूत बनाना (डिजिटल टूल्स, मौसम अनुकूल तकनीक)।

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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