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केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी पर रोकथाम लगाने के लिए हर लाभार्थी किसान के लिए ‘Farmer ID’ को बनाना Mandatory कर दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि जिन किसानों के पास अपनी यूनिक Farmer ID नहीं होगी, वे आगामी पीएम किसान की किस्तों को नहीं पा सकेगें। बता दें कि ये ID किसानों को उनकी पहचान और उसकी ज़मीन के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से एक साथ जोड़ती है। इस आईडी की मदद से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा किसानों को मिल पाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषक समुदाय के लिए विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करना है।
किसान आईडी (Farmer ID) बनवाने के लिए अभी जाएं आधिकारिक पोर्टल www.mkisan.gov.in/Home/FarmerRegistration पर। ये पीएम किसान सम्मान निधि की आने वाली तीनों किस्तों के लिए अब अनिवार्य शर्त है। सरकार का कहना है कि बिना इस यूनिक डिजिटल पहचान के किसानों के खाते में पैसे नहीं आ सकेंगे।
क्या है किसान आईडी और क्यों है ज़रूरी?
1.यूनिक डिजिटल पहचान: हर किसान को एक विशेष नंबर मिलेगा, जो लाइफटाइम उसके साथ रहेगा।
2.भूमि रिकॉर्ड से लिंक: ये आईडी किसान की ज़मीन के डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ी होगी।
3.सभी योजनाओं की चाभी: भविष्य में सरकार की तरफ से मिलने वाला हर लाभ, चाहे वो पीएम किसान निधि हो, बैंक लोन हो या फसल बीमा, इसी आईडी के ज़रिए मिलेगा।
4.धोखाधड़ी पर रोक: नकली या डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान करके धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।
कैसे बनेगी Farmer ID? रजिस्ट्रेशन प्रोसेस
किसानों को अपनी यूनिक किसान आईडी (Unique Farmer ID) बनवाने के लिए ऑफिशियल पोर्टल (www.mkisan.gov.in/Home/FarmerRegistration) पर जाना होगा। इस पोर्टल पर ‘नया किसान रजिस्ट्रेशन’ (New Farmer Registration) का ऑप्शन मिलेगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद मोबाइल नंबर पर OTP के ज़रिए वैरिफाई होगा। वैरिफिकेशन के बाद किसान को अपनी ज़मीन की डिटेल (जैसे खसरा नंबर) और बैंक खाते की जानकारी भरकर सबमिट करनी होगी। सभी जानकारी सही पाए जाने और सत्यापन के बाद, किसान को उसकी यूनिक फार्मर आईडी जारी कर दी जाएगी, जिसे वो पोर्टल से डाउनलोड कर सकता है।
PM किसान निधि से क्या है संबंध?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) स्कीम के तहत आने वाली किस्तों को लेकर केंद्र सरकार ने साफ निर्देश जारी किए हैं। साल 2026 में जारी होने वाली तीनों किस्तों (22वीं, 23वीं और 24वीं) के लिए फार्मर आईडी होना अनिवार्य बताया गया है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना है।
ऐसे में, जिन किसानों के पास अभी तक अपनी फार्मर आईडी नहीं है, उनकी आने वाली किस्तें रोकी जा सकती हैं।
किसानों को तुरंत क्या करना चाहिए?
Step 1. Farmer ID रजिस्ट्रेशन: अगर अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो तुरंत आधिकारिक पोर्टल पर जाकर या नजदीकी CSC (Common Service Centre) पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं।
Step 2. eKYC पूरी करें: पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया अवश्य पूरी कर लें। बिना ई-केवाईसी के लाभ नहीं मिल सकता।
Step 3. भूमि रिकॉर्ड सत्यापित करवाएं: सुनिश्चित करें कि आपका जमीन का रिकॉर्ड (लैंड रिकॉर्ड) पोर्टल पर सही और अपडेटेड है। अगर कोई गलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएं।
Step 4. लाभ स्थिति जांचें: पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ के विकल्प पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर देखें कि आपका eKYC और लैंड सीडिंग स्टेटस क्या है।
नोट: याद रखें, पीएम किसान योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के लिए सक्रिय है।
भविष्य के लिए तैयारी
सरकार की ये पहल सिर्फ पीएम किसान निधि तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में कृषि से जुड़ी लगभग सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ इसी फार्मर आईडी के माध्यम से मिलेगा। इसमें बैंकों से कृषि ऋण, फसल बीमा योजना (फसल क्षतिपूर्ति), सब्सिडी वाले खाद-बीज और अन्य कृषि अनुदान शामिल हैं। किसान आईडी बन जाने से किसानों को अलग-अलग जगह दस्तावेज जमा करने की भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा और सभी लाभ एक ही जगह से, सीधे उनके खाते में मिलने लगेंगे।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

