भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के जरिए दोनों देशों ने मज़बूत की साझेदारी

भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा में दोनों देशों ने तकनीक, शोध और टिकाऊ खेती में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा

भारत और ब्राजील के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि भवन में ब्राजील के कृषि एवं पशुपालन मंत्री कार्लोस फावारो और एग्रेरियन डेवलपमेंट एवं फैमिली एग्रीकल्चर मंत्री लुइज पाउलो टेक्सेरा फरेरा के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा करते हुए दोनों देशों ने वर्तमान साझेदारी की समीक्षा की और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार किया।

साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित मज़बूत संबंध

बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और ब्राजील के संबंध गहरे और मित्रतापूर्ण हैं, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद लगातार संबंधों को मज़बूत कर रहा है। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की यात्राएं सहयोग को नई ऊर्जा देती हैं।

इस अवसर पर भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा का मुख्य उद्देश्य कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में तकनीकी, वैज्ञानिक और व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाना रहा।

तकनीकी सहयोग को नई गति देने पर सहमति

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने AI Impact Summit में ब्राजील की भागीदारी की सराहना करते हुए इसे तकनीकी सहयोग को गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि में डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित निर्णय और स्मार्ट समाधान भविष्य की आवश्यकता हैं।

इस संदर्भ में भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के दौरान दोनों देशों ने तकनीक आधारित कृषि मॉडल, नवाचार और ज्ञान साझा करने पर सहमति जताई।

भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के जरिए दोनों देशों ने मज़बूत की साझेदारी

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने पर ज़ोर

ब्राजील के एग्रेरियन डेवलपमेंट मंत्री लुइज पाउलो टेक्सेरा फरेरा ने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं और कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभवों और तकनीकों का आदान प्रदान दोनों देशों के किसानों के लिए लाभकारी होगा।

इस तरह भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा केवल नीतिगत स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे व्यावहारिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ाने की बात कही गई।

बायो इनपुट्स और नवाचार में सहयोग की संभावना

ब्राजील के कृषि मंत्री कार्लोस फावारो ने भारत द्वारा विकसित बायो इनपुट्स और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य के सहयोग के लिए विशेष महत्व रखता है और दोनों देश इसमें मिलकर नई संभावनाएं विकसित कर सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि टिकाऊ कृषि के लिए जैविक और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसी संदर्भ में भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के दौरान शोध और नवाचार को साझा करने पर सहमति बनी।

भविष्य की साझेदारी के क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार

बैठक में दोनों देशों ने वर्तमान सहयोग कार्यक्रमों की समीक्षा की और नई साझेदारी के संभावित क्षेत्रों की पहचान की। भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के तहत कृषि अनुसंधान, तकनीक हस्तांतरण, टिकाऊ खेती और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा तय की गई।

शिवराज सिंह चौहान ने ब्राजील के प्रतिनिधियों को आगामी ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया, जिससे बहुपक्षीय मंच पर भी सहयोग को और मज़बूत किया जा सके।

उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति

इस बैठक में ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनमें कैबिनेट प्रमुख विल्सन गैंबोगी पिंगेरो ताकेस, ब्राजील दूतावास के कृषि अटैची रोबर्टो कार्लोस पापा, वाणिज्य एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध सचिव लुइज रेनाटो डी अलकांतारा रुआ और अंतरराष्ट्रीय सलाहकार मौरिसियो पोलिडोरो शामिल थे।

भारत की ओर से भी कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मांगी लाल जाट, ब्राजील में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया, कृषि मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और नाबार्ड के अधिकारी शामिल थे। इस उच्च स्तरीय भागीदारी ने भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा को और महत्वपूर्ण बना दिया।

भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के जरिए दोनों देशों ने मज़बूत की साझेदारी

किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए सहयोग के नए आयाम

बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल कूटनीतिक संवाद नहीं था, बल्कि कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाना था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और ब्राजील दोनों कृषि प्रधान देश हैं और उनके सामने कई समान चुनौतियां हैं। ऐसे में अनुभव साझा करने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा के जरिए टिकाऊ कृषि, आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर साझा प्रयासों की दिशा तय हुई है।

वैश्विक कृषि सहयोग की ओर बढ़ता कदम

यह बैठक भारत और ब्राजील के बीच कृषि संबंधों को और मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। दोनों देशों ने सहमति जताई कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से न केवल उत्पादन और तकनीक में सुधार होगा, बल्कि किसानों की आय और वैश्विक कृषि व्यापार में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

इस तरह भारत-ब्राजील कृषि सहयोग पर चर्चा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देते हुए भविष्य में साझा विकास, नवाचार और तकनीकी साझेदारी की मज़बूत नींव रखी है।

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