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दुनिया भर में आज भारत की चर्चा एक बार फिर गाय के दूध (cow milk) को लेकर हो रही है। इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (International Dairy Federation) यानि IDF की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने गाय के दूध उत्पादन में अमेरिका और चीन जैसे दिग्गज देशों को पीछे छोड़ दिया है। अब सिर्फ 27 देशों वाला यूरोपियन यूनियन ही भारत से आगे है, लेकिन अगर एक देश की बात करें तो भारत नंबर-1 है। भारत विश्व का सबसे बड़ा गाय के दूध (cow milk) का उत्पादक देश (India is the largest cow milk producing country in the world) बन गया है।
13 करोड़ टन दूध का उत्पादन
साल 2023 में भारत ने 12.9 करोड़ टन गाय का दूध पैदा किया, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 10 करोड़ टन और चीन में महज 42 लाख टन रहा। यूरोपियन यूनियन (EU) में 15.4 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ, लेकिन वह 27 देशों का समूह है। इसलिए, अकेले भारत का ये प्रदर्शन बेहद शानदार है।
कौन-से देश तेजी से बढ़ रहे हैं?
- पाकिस्तान, बांग्लादेश और बेलारूस जैसे देशों में दूध उत्पादन भले ही कम है, लेकिन वहां ग्रोथ रेट तेज़ है।
- बांग्लादेश में दूध उत्पादन 7.6 फीसदी की दर से बढ़ रहा है, जो भारत (7.4 प्रतिशत) से भी ज्यादा है।
- वहीं, फ्रांस, इटली, जापान और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में दूध उत्पादन घट रहा है।
भारत के पास हैं 33 करोड़ गो-पशु
भारत में पशुपालन और डेयरी उद्योग का विशाल आधार है। केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय (Union Ministry of Animal Husbandry) के अनुसार, देश में 67 करोड़ गाय-भैंस, भेड़-बकरियां हैं, जिनमें से 33 करोड़ गो-पशु (गाय और बैल) हैं। हालांकि, इनमें से आधे से ज्यादा पशु दूध नहीं देते, फिर भी भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना हुआ है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) ने बदली तस्वीर
2014 में शुरू हुए राष्ट्रीय गोकुल मिशन ने देशी गायों की नस्लों को बढ़ावा देकर दूध उत्पादन में क्रांति ला दी। इस योजना के तहत 2400 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि:
- 2013-14 में दुधारू पशुओं की संख्या 8.4 करोड़ थी, जो 2021-22 में बढ़कर 12 करोड़ हो गई।
- 2014-15 में गो-पशुओं का दूध उत्पादन 2.94 करोड़ टन था, जो 2020-21 में बढ़कर 4.2 करोड़ टन हो गया।
भारत के टॉप 5 दूध उत्पादक राज्य
1. उत्तर प्रदेश – भारत का 18 फीसदी दूध
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य है, जो देश के कुल दूध का 18 फीसदी पैदा करता है। यहां 3 करोड़ से ज्यादा गाय-भैंसें हैं। अमूल और पराग जैसी बड़ी डेयरी कंपनियां यहां मौजूद हैं। यूपी में घी, पनीर और फ्लेवर्ड मिल्क का भी बड़ा बाजार है।
2. राजस्थान – 11 फीसदी दूध उत्पादन
राजस्थान में राठी और थारपारकर जैसी देशी नस्लों से भरपूर दूध मिलता है। यहां सरस डेयरी जैसी सहकारी संस्थाएं किसानों की मदद करती हैं। राजस्थान ऊंटनी का दूध और A2 दूध (देसी गाय का दूध) के लिए भी मशहूर है।
3. आंध्र प्रदेश – 10 फीसदी हिस्सेदारी
आंध्र प्रदेश में संकर नस्ल की गायें और आधुनिक डेयरी तकनीक का इस्तेमाल होता है। हेरिटेज और विजया डेयरी जैसी कंपनियाँ यहाँ बड़े पैमाने पर काम करती हैं। यहां आइसक्रीम, दही और फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन भी तेजी से बढ़ रहा है।
4. गुजरात – 8 फीसदी दूध उत्पादन
गुजरात अमूल डेयरी का घर है, जो भारत की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था है। यहाँ गिर गाय जैसी उच्च दूध देने वाली नस्लें पाई जाती हैं। गुजरात सरकार ने डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई योजनाएँ चलाई हैं।
5. पंजाब – 7 फीसदी दूध उत्पादन
पंजाब में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता सबसे ज्यादा है। यहाँ वेरका डेयरी जैसे संगठन किसानों को सपोर्ट करते हैं। पंजाब में ऑर्गेनिक दूध और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
भारत की डेयरी क्रांति
भारत ने गाय के दूध उत्पादन में दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। देसी नस्लों को बढ़ावा, सरकारी योजनाएं और डेयरी सहकारी समितियां इसकी मुख्य वजह हैं। अब भारत न सिर्फ दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि दुनिया को दूध देने वाला सबसे बड़ा देश भी बन चुका है!
क्या आप जानते हैं? भारत में हर साल 22 करोड़ टन से ज्यादा दूध का उत्पादन होता है, जिसमें गाय और भैंस दोनों का दूध शामिल है। अगर यही रफ्तार रही, तो जल्द ही भारत यूरोपियन यूनियन को भी पीछे छोड़ देगा।
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