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आज के दौर में अगर कोई फसल किसानों और बिज़नेसमैन के लिए सच्चे ‘Green Gold’ का काम कर रही है, तो वो है Moringa या सहजन। इसे ‘चमत्कारी पेड़’ और ‘Superfood’ का ख़िताब मिल चुका है। हैरानी की बात ये है कि यह पेड़ न सिर्फ सेहत के लिए वरदान है, बल्कि यह कम लागत में बंपर मुनाफा देकर लोगों की किस्मत बदल रहा है।
आख़िर क्यों है मोरिंगा की धूम?
इसकी वजह है दुनिया भर में बढ़ती Health consciousness। कोरोना महामारी के बाद लोग इम्यूनिटी और पोषण को लेकर ज्यादा सजग हुए हैं। मोरिंगा में विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम और प्रोटीन (Vitamin C, calcium, potassium and protein) जैसे 90 से ज्यादा पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए, हेल्थ सप्लीमेंट, प्रोटीन पाउडर, एनर्जी ड्रिंक्स और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों की इस पर नजर गड़ी हुई है।
डिमांड का बढ़ता ग्राफ़
डीप रिसर्च बताती है कि Global Health and Wellness Industry का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। साल 2024 में मोरिंगा सप्लाई चेन का बाजार करीब 9.5 ट्रिलियन डॉलर का था, जो 2029 तक 13 ट्रिलियन डॉलर को पार करने की राह पर है। सिर्फ मोरिंगा पाउडर (Moringa powder) का बिज़नेस 2025 तक 6 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छू चुका है।
भारत है इस बाज़ार का ‘King’
सबसे शानदार बात ये है कि इस बढ़ते बाजार पर भारत की पकड़ बहुत मजबूत है। दुनिया में इस्तेमाल होने वाले 80 फीसदी मोरिंगा का उत्पादन भारत में ही होता है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा और कर्नाटक जैसे राज्य इसके प्रमुख उत्पादक हैं। इसका मतलब है कि हमारे किसानों और बिजनेसमैन के पास पहले से ही एक मजबूत बुनियाद है।
किसानों के लिए क्यों है ख़ास?
1.कम लागत, ज्यादा मुनाफा: मोरिंगा एक हार्डी प्लांट है। इसे कम पानी की जरूरत होती है और यह बंजर या कम उपजाऊ जमीन में भी खूब फलता-फूलता है। खाद पर भी कम खर्च आता है।
2.हर हिस्सा है कीमती: इस पेड़ की पत्तियां, फली, बीज और फूल सभी बिकते हैं। पत्तियों से पाउडर, बीज से तेल (जो ऑलिव ऑयल से भी गुणवत्ता में बेहतर माना जाता है) और फली से सब्जी बनती है।
3.लगातार आमदनी: यह पेड़ साल में कई बार पैदावार देता है, जिससे किसानों को नियमित आय का स्रोत मिल जाता है।
बिजनेस के क्या हैं ऑप्शन?
- कमिशन पर खेती: बड़ी हेल्थ कंपनियों के साथ अनुबंध करके उनकी जरूरत के हिसाब से ऑर्गेनिक मोरिंगा उगाना।
- प्रोसेसिंग यूनिट : छोटी प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर मोरिंगा पत्तियों को ड्राय करके पाउडर बनाना। इस पाउडर को सीधे कंपनियों को या ऑनलाइन बेचा जा सकता है।
- वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स: अगर निवेश कर सकें, तो मोरिंगा तेल, कैप्सूल, हर्बल चाय, फेस पैक, या प्रोटीन बार जैसे प्रोडक्ट बनाकर ब्रांड बनाया जा सकता है। इनकी मार्जिन बहुत ऊंची है।
- एक्सपोर्ट पर फोकस: क्वीलिटी और पैकेजिंग पर ध्यान देकर सीधे यूरोप, अमेरिका या मीडिल ईस्च के देशों को निर्यात करना। इसके लिए एफपीओ (FPO) बनाकर काम किया जा सकता है।
सफलता की चाभी:
- गुणवत्ता और ऑर्गेनिक तरीका सबसे ज़रूरी है।
- शुरुआत छोटे स्तर से करें और बाजार की समझ बनाएं।
- FSSAI लाइसेंस, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन जैसे लाइसेंस जरूर लें।
- ऑनलाइन मार्केटिंग और सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करें।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

