किसानों की उपज को सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ा NAFED का भंडारण अभियान

NAFED का भंडारण अभियान किसानों की उपज को सुरक्षित रखने, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

NAFED का भंडारण अभियान nafed bhandaran abhiyan

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में खेती सिर्फ़ जीविका नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लेकिन फ़सल कटाई के बाद उपज के सुरक्षित भंडारण की समस्या लंबे समय से किसानों के सामने एक बड़ी चुनौती रही है। हर साल लाखों टन अनाज और अन्य कृषि उत्पाद उचित भंडारण सुविधा न होने के कारण खराब हो जाते हैं या किसानों को उन्हें कम दामों पर बेचना पड़ता है। इसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है — NAFED का भंडारण अभियान।

किसानों के लिए सहकारिता मंत्रालय की पहल

सहकारिता मंत्रालय ने देशभर में NAFED का भंडारण अभियान शुरू किया है, जो ‘भंडारण योजना (Bhandaran Yojana)’ का हिस्सा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए सुरक्षित, वैज्ञानिक और विकेन्द्रीकृत भंडारण सुविधा उपलब्ध कराना है। इस पहल से किसानों को न सिर्फ़ अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का मौका मिलेगा, बल्कि बाज़ार में उचित समय पर बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।

इस योजना के तहत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) स्तर पर आधुनिक गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। यह गोदाम फ़सल के बाद होने वाले नुक़सान को कम करेंगे और किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।

NAFED की भूमिका और जिम्मेदारियां

NAFED का भंडारण अभियान सिर्फ़ गोदाम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक रणनीति के रूप में लागू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत NAFED को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। NAFED उन क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहां कृषि उपज की खरीद अधिक होती है, ताकि वहां की PACS समितियों को प्राथमिकता दी जा सके। चयनित समितियों को 7 वर्ष के लिए Hiring Assurance Letters जारी किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें दीर्घकालिक स्थिरता मिले।

इसके साथ ही, NAFED विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में पंजीयक सहकारी समितियों (RCS) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य NAFED का भंडारण अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाना है, ताकि यह किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन लेकर आए।

आधुनिक तकनीक से सुसज्जित गोदाम

इस योजना के अंतर्गत जो गोदाम बनाए जा रहे हैं, वे सिर्फ़ पारंपरिक भंडारण स्थलों से कहीं अधिक उन्नत हैं। NAFED का भंडारण अभियान आधुनिक और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित है। इसमें e-WHR (इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रिसीट) और WDRA मान्यता की सुविधा दी जा रही है।

e-WHR की मदद से किसान अपने गोदाम में रखे अनाज के बदले बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों की नकदी प्रवाह की समस्या दूर होगी और वे अपनी उपज को बाज़ार में बेचने के लिए सही समय का इंतजार कर पाएंगे।

किसानों की उपज को सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ा NAFED का भंडारण अभियान

मूल्य संवर्धन और रिटेल मॉडल की दिशा में कदम

NAFED का भंडारण अभियान सिर्फ़ भंडारण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मूल्य संवर्धन (Value Addition) और रिटेल फ्रेंचाइज़ मॉडल को भी शामिल किया गया है। यह कदम PACS समितियों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने में मदद करेगा।

योजना के अंतर्गत चयनित समितियों के लिए रिटेल सर्टिफिकेट पहल भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से PACS समितियां सीधे उपभोक्ताओं तक अपनी उत्पादित वस्तुएं पहुंचा सकेंगी, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत प्राप्त होगा। यह किसानों को कृषि से जुड़ी सहकारी संस्थाओं के जरिए खुदरा व्यापार में भी सक्षम बनाएगा।

योजना की प्रगति और आंकड़े

अब तक NAFED का भंडारण अभियान के अंतर्गत 441 PACS समितियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 214 समितियों को Hiring Letters जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 745 पुराने गोदामों को भी इस योजना में कन्वर्जेंस के तहत शामिल किया गया है, जिससे पहले से मौजूद भंडारण ढांचे को भी और मज़बूत किया जा सके। साथ ही, कर्नाटक के PACS एकाम्बा में एक पायलट परियोजना भी शुरू की गई है। यह परियोजना आगे चलकर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी।

किसानों के जीवन में आने वाले बदलाव

NAFED का भंडारण अभियान किसानों के जीवन में दीर्घकालिक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। पहले जहां किसान अपनी फ़सल तुरंत बेचने के लिए मजबूर होते थे, वहीं अब उन्हें अपनी उपज सुरक्षित रखने का अवसर मिलेगा। इससे वे बाज़ार के अनुकूल समय पर फ़सल बेचकर बेहतर मुनाफ़ा कमा सकेंगे। इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। PACS समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, भंडारण अवसंरचना में सुधार होगा, और किसानों का बाज़ार पर निर्भरता कम होगी।

निष्कर्ष

NAFED का भंडारण अभियान भारत के कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। यह न केवल किसानों की उपज को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें उचित मूल्य, ऋण सुविधा और व्यापारिक सशक्तिकरण का भी अवसर प्रदान करेगा। सहकारिता मंत्रालय की इस पहल से भविष्य में देश के हर किसान को अपनी मेहनत का पूरा मूल्य मिल सकेगा और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक मज़बूत कदम होगा।

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