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देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर द्वारा 13 मार्च से 16 मार्च 2026 तक पंतनगर किसान मेला और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ये 119वां अखिल भारतीय किसान मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से किसान, कृषि वैज्ञानिक, छात्र और कृषि से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। हर साल की तरह इस बार भी पंतनगर किसान मेला किसानों के लिए सीख, संवाद और तकनीक से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों तक नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, शोध परिणामों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी सीधे पहुंचाना है, ताकि किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकें।
इस वर्ष की थीम: सशक्त महिला, समृद्ध खेती
इस बार पंतनगर किसान मेला की थीम “सशक्त महिला, समृद्ध खेती” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनके योगदान को विशेष रूप से सामने लाया जाएगा। खेती, पशुपालन, बीज उत्पादन, सब्जी और फल उत्पादन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और ये मेला उसी सशक्तिकरण को दर्शाने का प्रयास है।
महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों को इस पंतनगर किसान मेला में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा ले सकें।
किसानों के लिए सीख और संवाद का बड़ा मंच
पंतनगर किसान मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि ये किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक मज़बूत माध्यम भी है। मेले के दौरान किसान संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जहां किसान कृषि वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत कर सकेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान जान सकेंगे।
इन संगोष्ठियों में फ़सल उत्पादन, मिट्टी की सेहत, उन्नत बीज, कीट और रोग प्रबंधन, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पंतनगर किसान मेला किसानों को ये अवसर देता है कि वे क़िताबों या ऑनलाइन जानकारी के बजाय सीधे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
शोध केन्द्रों और प्रदर्शनों का अवलोकन
मेले में विश्वविद्यालय के विभिन्न शोध केन्द्रों द्वारा लगाए गए परीक्षण और प्रदर्शन किसानों के लिए विशेष आकर्षण होंगे। इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को ये समझने का मौका मिलेगा कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस तरह उनकी खेती को आसान और लाभदायक बना सकता है।
पंतनगर किसान मेला में रबी और खरीफ फ़सलों की उन्नत क़िस्मों, सब्जियों, दलहनों, तिलहनों और मोटे अनाज से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। किसान इन प्रदर्शनों को देखकर ये तय कर सकते हैं कि उनकी ज़मीन और जलवायु के अनुसार कौन-सी फ़सल या तकनीक अधिक उपयुक्त रहेगी।
उन्नत बीज, पौधे और कृषि तकनीक
पंतनगर किसान मेला में उन्नत और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता किसानों के लिए एक बड़ा लाभ है। यहां किसान सीधे विश्वविद्यालय और शोध संस्थानों से विकसित बीजों की जानकारी ले सकते हैं। इसके साथ ही फल, सब्जी, औषधीय पौधों और फूलों के पौधे भी किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
मेले में कृषि से जुड़ी नई तकनीकों और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे किसानों को ये समझने में मदद मिलेगी कि किस तरह नई मशीनें और तकनीकें उनकी मेहनत और लागत को कम कर सकती हैं।
पशुपालन और मत्स्य से जुड़ी गतिविधियां
खेती के साथ-साथ पंतनगर किसान मेला में पशुपालन और मत्स्य उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पशु प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं के माध्यम से किसानों को उन्नत नस्लों और बेहतर प्रबंधन तरीकों की जानकारी मिलेगी।
इसके अलावा मत्स्य उत्पादन से जुड़ी प्रदर्शनी और प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी, जिससे मछली पालन करने वाले किसानों को नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
किसानों के लिए लाभ का अवसर
पंतनगर किसान मेला किसानों के लिए केवल जानकारी का मंच नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा अवसर भी है जहां वे अपने भविष्य की खेती की दिशा तय कर सकते हैं। यहां मिलने वाली जानकारी और तकनीकें किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी की राह दिखाती हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे अपने जिले और राज्य के किसान मेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लें और पंतनगर किसान मेला जैसे बड़े आयोजनों से जुड़कर खेती-किसानी की नई तकनीकों को अपनाएं।
सहभागिता से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
पंतनगर किसान मेला का मुख्य संदेश यही है कि किसान नई तकनीकों को समझें, वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और आत्मनिर्भर बनें। खेती अब केवल परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि विज्ञान और तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है।
किसानों से निवेदन किया गया है कि वे अपने साथियों और परिवार के सदस्यों के साथ इस मेले में भाग लें, ताकि अधिक से अधिक लोग आधुनिक खेती की जानकारी प्राप्त कर सकें। पंतनगर किसान मेला न केवल ज्ञान बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि ये किसानों को भविष्य के लिए तैयार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
कुल मिलाकर, 13 से 16 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाला पंतनगर किसान मेला किसानों के लिए सीख, संवाद और प्रगति का एक मज़बूत मंच साबित होगा, जो खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएंगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

