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उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई को आसान और सस्ती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। PM Kusum योजना के तहत अब किसान अपने खेतों में सोलर पंप लगवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 26 नवंबर से शुरू हो चुकी है और 15 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी।
राज्य के कृषि विभाग ने इसके लिए विशेष पोर्टल agriculture.up.gov.in पर “अनुदान पर सोलर पंप हेतु बुकिंग करें” नामक लिंक जारी किया है। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहे।
PM Kusum योजना क्या है?
PM Kusum योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और सिंचाई पर आने वाला खर्च घटाना है। इस योजना के तहत किसानों को डीजल या बिजली पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं रहती, बल्कि वे सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप के माध्यम से अपनी फसलों की सिंचाई कर सकते हैं।
इस योजना से न केवल बिजली की अनियमित आपूर्ति की समस्या दूर होती है, बल्कि किसानों को डीजल पर खर्च होने वाली राशि से भी राहत मिलती है। यही कारण है कि PM Kusum योजना देश के लाखों किसानों के लिए खेती में ऊर्जा सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है।
आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता
किसान PM Kusum योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए 26 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए उन्हें कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा:
- वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in पर जाएं।
- “अनुदान पर सोलर पंप हेतु बुकिंग करें” लिंक पर क्लिक करें।
- अपनी भूमि और व्यक्तिगत जानकारी भरें।
- आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड, जमीन के कागजात, बैंक विवरण आदि) अपलोड करें।
- ₹5000 की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करें।
- सबमिट करने के बाद रसीद डाउनलोड करें और सुरक्षित रखें।
इसके बाद किसानों का चयन ई-लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। चयनित किसानों को निर्धारित समयावधि में अपने हिस्से की राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। यदि किसान समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो उनका आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और टोकन राशि जब्त कर ली जाएगी।
तकनीकी मानक और आवश्यक शर्तें
PM Kusum योजना के तहत सोलर पंप लगाने के लिए कुछ तकनीकी नियम तय किए गए हैं।
- 2 HP पंप के लिए 4 इंच बोरिंग आवश्यक है।
- 3 HP और 5 HP पंप के लिए 6 इंच बोरिंग चाहिए।
- 7.5 HP और 10 HP पंप के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है।
किसान को बोरिंग स्वयं करनी होगी। यदि सत्यापन के समय उपयुक्त बोरिंग नहीं पाई गई, तो टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी।
जल स्तर के आधार पर सोलर पंप का प्रकार तय किया गया है—
- 22 फीट तक – 2 HP सर्फेस पंप
- 150 फीट तक – 3 HP सबमर्सिबल
- 200 फीट तक – 5 HP सबमर्सिबल
- 300 फीट तक – 7.5 HP और 10 HP सबमर्सिबल पंप
स्वच्छ ऊर्जा के साथ सिंचाई में क्रांति
PM Kusum योजना के अंतर्गत प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहाँ बिजली की आपूर्ति सीमित है, किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे डीजल या पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों के ट्यूबवेल पर सोलर पंप लगाए जाएंगे, उन्हें भविष्य में उसी बोरिंग पर विद्युत कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
दोहित एवं अतिदोहित क्षेत्रों में नए सोलर पंप की स्थापना पर रोक है, लेकिन यदि किसान सूक्ष्म सिंचाई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, तो उन्हें यह सुविधा दी जा सकती है।
ब्याज में 6% की राहत
जो किसान PM Kusum योजना के तहत बैंक ऋण लेकर अपनी हिस्सेदारी जमा करते हैं, उन्हें सरकार द्वारा ब्याज दर में राहत दी जाती है। केंद्र सरकार 3% और राज्य सरकार 3% यानी कुल 6% ब्याज छूट प्रदान करती है। यह सुविधा किसानों को वित्तीय रूप से और भी सक्षम बनाती है, जिससे वे सोलर पंप लगाने में आर्थिक दबाव महसूस नहीं करते।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा?
PM Kusum योजना के तहत लगाए गए सोलर पंप किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभ का सौदा हैं।
- एक बार स्थापना के बाद 7 वर्षों तक सिंचाई पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं।
- डीजल और बिजली पर निर्भरता खत्म होने से उत्पादन लागत में भारी कमी।
- फसलों को नियमित सिंचाई मिलने से उत्पादकता में वृद्धि।
- स्वच्छ ऊर्जा के प्रयोग से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।
राज्य सरकार के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए वरदान है जो बिजली रहित या दूरदराज़ क्षेत्रों में खेती करते हैं।
बुकिंग की निगरानी और पारदर्शिता
कृषि विभाग लगातार बुकिंग की समीक्षा करेगा। यदि किसी जिले में किसी विशेष क्षमता के सोलर पंप की मांग कम होगी, तो वह लक्ष्य अधिक मांग वाले जिलों को स्थानांतरित किया जाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि PM Kusum योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे।
निष्कर्ष
PM Kusum योजना भारत के किसानों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि खेती में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम है। सौर ऊर्जा आधारित सोलर पंप किसानों को न केवल मुफ्त सिंचाई का साधन देते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल कृषि की ओर भी प्रेरित करते हैं। 15 दिसंबर तक का यह अवसर उन किसानों के लिए सुनहरा मौका है, जो अपनी खेती को आधुनिक और टिकाऊ बनाना चाहते हैं।
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