ब्लू फूड सिक्योरिटी पर वैश्विक मंथन में भारत की भागीदारी, राजीव रंजन सिंह का इज़राइल दौरा

राजीव रंजन सिंह इज़राइल में ब्लू फूड सिक्योरिटी समिट में भाग लेंगे, जहां भारत और इज़राइल के बीच fisheries और aquaculture सहयोग पर चर्चा होगी।

राजीव रंजन सिंह का भारत और इज़राइल का दौरा

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह 13 से 15 जनवरी 2026 तक आधिकारिक दौरे पर इज़राइल जाएंगे। ये दौरा इज़राइल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री Avi Dichter के आमंत्रण पर हो रहा है। इस दौरान राजीव रंजन सिंह इज़राइल के इलात शहर में आयोजित Second Global Summit on Blue Food Security: Sea the Future में हिस्सा लेंगे। ये यात्रा भारत और इज़राइल के बीच तेजी से मज़बूत हो रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी दर्शाती है।

ब्लू फूड सिक्योरिटी समिट में भारत की अहम भूमिका

इस अंतरराष्ट्रीय समिट में दुनिया भर के नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। राजीव रंजन सिंह की मौजूदगी ये संकेत देती है कि भारत और इज़राइल मत्स्य पालन और aquaculture जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने को तैयार हैं। ब्लू फूड सिक्योरिटी का मतलब समुद्री और जलीय संसाधनों से मिलने वाले भोजन को सुरक्षित, sustainable और future-ready बनाना है। इस विषय पर वैश्विक स्तर पर चर्चा के लिए ये सम्मेलन काफी अहम माना जा रहा है।

द्विपक्षीय बैठकों में सहयोग बढ़ाने पर फ़ोकस

समिट के अलावा राजीव रंजन सिंह की इज़राइल दौरे के दौरान अपने समकक्ष मंत्री Avi Dichter के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही सम्मेलन में भाग लेने आए अन्य देशों के मंत्रियों से भी उनकी मुलाकात होने की संभावना है। इन बैठकों में भारत और इज़राइल के बीच policy alignment, institutional partnership और long-term cooperation जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर में नई दिशा

सरकारी बयान के अनुसार, बातचीत का मुख्य फ़ोकस sustainable fisheries management और modern aquaculture technologies पर रहेगा। राजीव रंजन सिंह इस बात पर जोर दे सकते हैं कि कैसे नई तकनीक, innovation और research के जरिए fisheries sector को मज़बूत किया जाए।

इसके साथ ही research, capacity building और innovation linkages को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी, ताकि दोनों देश एक-दूसरे के अनुभव और expertise से सीख सकें। ये पहल भारत और इज़राइल के बीच सहयोग को और गहरा कर सकती है।

ब्लू फूड सिक्योरिटी पर वैश्विक मंथन में भारत की भागीदारी, राजीव रंजन सिंह का इज़राइल दौरा

Trade, Investment और Joint R&D पर चर्चा

दौरे के दौरान trade और investment को आसान बनाने से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। बेहतर market access, international standards और joint R&D जैसे विषयों पर बातचीत की संभावना है। राजीव रंजन सिंह advanced aquaculture में joint research और blue economy agenda को आगे बढ़ाने पर भी विचार साझा करेंगे। इसमें sustainability, climate resilience और food security जैसे अहम पहलू शामिल होंगे, जो आज के समय में सभी देशों के लिए ज़रूरी हैं।

इज़राइल के innovation ecosystem को समझने का मौक़ा

इस यात्रा के दौरान राजीव रंजन सिंह इज़राइल की प्रमुख कंपनियों और startups के CEOs से भी मुलाकात करेंगे, जो agriculture, fisheries और aquaculture के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में कुछ key institutions और innovation hubs का दौरा भी शामिल है। इससे राजीव रंजन सिंह को इज़राइल के cutting-edge technology ecosystem को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा, ख़ासकर fisheries और aquaculture से जुड़े modern solutions के संदर्भ में।

भारत और इज़राइल की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

सरकार का मानना है कि ये दौरा भारत और इज़राइल के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मज़बूत करेगा। fisheries और aquaculture में सहयोग बढ़ने से न सिर्फ़ technology transfer होगा, बल्कि capacity building और skill development को भी बढ़ावा मिलेगा। राजीव रंजन सिंह की ये यात्रा दोनों देशों के बीच mutual interest वाले क्षेत्रों में नई संभावनाओं के रास्ते खोल सकती है।

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भारत का मत्स्य पालन क्षेत्र लगातार मज़बूत

इस बीच, भारत के fisheries sector से जुड़े आंकड़े भी उत्साहजनक हैं। वित्त वर्ष 2024–25 में भारत का seafood export 62,408 करोड़ रुपये के all-time high पर पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 3.11 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह fish production में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2013–14 में जहां उत्पादन 95.79 लाख टन था, वहीं 2024–25 में ये बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया, यानी करीब 106 प्रतिशत की वृद्धि।

वैश्विक मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी

इन आंकड़ों के बीच राजीव रंजन सिंह का ये अंतरराष्ट्रीय दौरा बताता है कि भारत fisheries और blue economy के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। भारत और इज़राइल के बीच ये सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए फ़ायदेमंद होगा, बल्कि global food security के लक्ष्य को हासिल करने में भी मददगार साबित हो सकता है।

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