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किसान भाइयों के लिए एक बड़ी खुशख़बरी है! अब आपके खेत की मिट्टी की जांच आपके अपने गांव में ही हो सकेगी। केंद्र सरकार ने किसानों को मृदा परीक्षण (soil testing) की आसान सुविधा देने और गांव के युवाओं को रोजगार देने के लिए Village Level Soil Testing Lab (VLSTL) योजना शुरू की है। इसका मकसद है- ‘हर गांव, अपनी लैब’।
क्या है पूरी योजना?
इस योजना के तहत, अब कोई भी ग्रामीण युवा,Self Help Group (SHG), कृषि विश्वविद्यालय (Agricultural University) के छात्र, या कोई भी कृषि उद्यमी अपने गांव में एक छोटी Soil Testing Lab खोल सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस लैब को खोलने की पूरी लागत 1.5 लाख रूपये सरकार देगी। ये राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
कहां खर्च होंगे ये पैसे?
- 1,00,000 रूपये – मिट्टी जांच की मशीनें और एक साल का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (AMC) ख़रीदने में।
- 50,000 रूपये – डिस्टिल्ड वाटर, pH मीटर, इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस, ग्लासवेयर और अन्य ज़रूरी सामान खरीदने में।
आख़िर क्यों ज़रूरी है ये स्कीम?
इस योजना के पीछे सरकार के बहुत गहरे और सोचे-समझे उद्देश्य हैं:
1.अभी किसानों को मिट्टी जांच के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जिसमें वक्त और पैसा दोनों खर्च होते हैं। अब ये सुविधा उनके दरवाजे पर ही होगी।
2.मिट्टी की सही रिपोर्ट मिलने पर किसान जान सकेगा कि उसकी जमीन में किस खाद या उर्वरक की कितनी जरूरत है। इससे फालतू खाद पर होने वाला खर्च कम होगा और फसल का उत्पादन बढ़ेगा।
3.नियमित जांच से किसान मिट्टी के स्वास्थ्य पर नजर रख सकेंगे और उसे बेहतर बना सकेंगे।
4.ये स्कीम ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक शानदार अवसर है। वे अपना खुद का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं।
5.स्थानीय स्तर पर इकट्ठा होने वाला यह डेटा भविष्य में बेहतर कृषि नीतियां बनाने और रिसर्च में काम आएगा।
कौन बन सकता है लाभार्थी?
- विज्ञान विषय में 10वीं पास कोई भी व्यक्ति।
- जिसे कंप्यूटर चलाना आता हो।
- जिसके पास लैब लगाने के लिए खुद की जगह हो या कम से कम 4 साल का किराया समझौता हो।
कैसे करें अप्लाई?
अप्लाई करने का प्रोसेस काफी आसान है:
Step 1.सबसे पहले लैब के लिए जगह को सेलेक्ट करें।
Step 2.ज़मीन और उपकरण ख़रीद के दस्तावेज जमा करें।
Step 3.जिला स्तरीय समिति (DLEC) आपके प्रस्ताव की जांच करेगी।
Step 4.राज्य स्तरीय समिति (SLEC) एक महीने के अंदर मंजूरी दे देगी।
Step 5.मंजूरी मिलने के एक हफ्ते के अंदर सरकारी मदद की राशि आपके खाते में आ जाएगी।
VLSTL योजना सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की एक क्रांतिकारी पहल है। अधिक जानकारी के लिए अपने स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
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