Table of Contents
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath government of Uttar Pradesh) किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में एक बड़ी योजना Sub-Mission on Agricultural Mechanization (SMAM)’ चलाई जा रही है। इस स्कीम के तहत प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र (modern agricultural machinery) और ड्रोन खरीदने पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या आप इसका फायदा उठाने की तैयारी कर चुके हैं? क्योंकि अप्लाई की लास्ट डेट 29 अक्टूबर, 2025 नजदीक है।
क्यों है ये योजना गेम-चेंजर?
पारंपरिक खेती में मेहनत और लागत ज़्यादा लगती है, जबकि प्रोडक्शन सीमित रहता है। एसएमएएम योजना सीधे तौर पर इसी चुनौती का समाधान है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ मशीन बांटना नहीं, बल्कि ‘स्मार्ट फार्मिंग’ की संस्कृति को बढ़ावा देना है। जब किसान के पास सही मशीन होगी, तो वो वक्त पर जुताई, बुवाई, सिंचाई, छिड़काव और कटाई कर पाएगा, जिससे फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी। ये योजना किसानों को मजदूरी की ऊंची लागत और मौसम की मार से निपटने में भी सक्षम बनाएगी।
किसे मिल रहा है कितना लाभ? (Deep Dive)
ये स्कीम सिर्फ व्यक्तिगत किसानों तक सीमित नहीं है। इसका दायरा बहुत बड़ी है-
1.फार्म मशीनरी बैंक व कस्टम हायरिंग सेंटर: छोटे और सीमांत किसानों के एक ग्रुप को भारी मशीनें जैसे ट्रैक्टर, हार्वेस्टर खरीदने पर सब्सिडी दी जाती है। इससे वे महंगे उपकरणों को खरीदे बिना किराए पर उनका फायदा उठा सकते हैं।
2.कृषि ड्रोन: ये योजना का सबसे लेटेस्ट है। ड्रोन के जरिए कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव बेहद कम समय और कम पानी में किया जा सकता है। ये न केवल प्रोडक्टिविटी बढ़ाता है बल्कि किसानों के स्वास्थ्य को कीटनाशकों के सीधे कॉन्टेक्ट में आने से भी बचाता है।
3.फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण: पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, बेलर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही है। इससे प्रदूषण कम करने और जैविक खाद बनाने में मदद मिलती है।
4.कृषि रक्षा उपकरण: फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए आधुनिक स्प्रेयर वगैरह भी इस योजना के दायरे में आते हैं।
जमानत राशि: एक छोटी सी लेकिन ज़रूरी शर्त
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और आवेदको को प्राथमिकता देने के लिए एक जमानत राशि का प्रावधान किया गया है:
- 10,000 से 1,00,000 रूपये तक सब्सिडी वाले उपकरणों के लिए 2,500 रुपये जमानत राशि।
- 1,00,000 रुपये से अधिक सब्सिडी वाले उपकरणों के लिए 5,000 रुपये की जमानत राशि।
सबसे बड़ी राहत की बात: ये राशि किसी शुल्क के रूप में नहीं ली जा रही। जैसे ही आपके आवेदन और मशीन की बुकिंग कन्फर्म होगी, ये पूरी रकम वापस आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। ये सिर्फ आपकी गंभीरता का प्रमाण है।
डेडलाइन और सिलेक्शन प्रोसेस पर गौर करें
अप्लाई करने का प्रोसे 15 अक्टूबर, 2025 से शुरू हो चुका है और 29 अक्टूबर, 2025 को ख़त्म होगा। सबसे अहम बात यह है कि इस योजना में किसानों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come, First Served) के आधार पर किया जाएगा। यानी जो किसान जितनी जल्दी अप्लाई करेंगे, उन्हें फायदा मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। अब इंतज़ार की कोई गुंजाइश नहीं है।
ऐसे करें अप्लाई, स्टेप बाय स्टेप
स्टेप 1- पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के ऑफिशियल पोर्टल https://agridarshan.up.gov.in पर विजिट करें।
स्टेप 2- किसान कॉर्नर चुनें: होमपेज पर मौजूद ‘किसान कॉर्नर’ सेक्शन पर क्लिक करें।
स्टेप 3- मशीन बुकिंग पर क्लिक करें: अगले पेज में ‘यंत्र बुकिंग’ (Equipment Booking) का विकल्प चुनें।
स्टेप 4- अपनी मशीन सिलेक्ट करें: अब आपके सामने विभिन्न श्रेणियों के उपकरणों की सूची खुलेगी। अपनी जरूरत के हिसाब से सही मशीन को सिलेक्ट करें।
स्टेप 5- जमानत राशि जमा करें: ऑनलाइन पेमेंट के जरिए निर्धारित राशि (2,500 या 5,000 रुपये) जमा करें।
स्टेप 6- आवेदन पूरा करें: सभी जरूरी जानकारी भरकर एप्लिकेशन को सबमिट कर दें।
यूपी सरकार की ये योजना किसानों को खेती के नए युग से जोड़ने का एक सुनहरा अवसर है। ये निवेश है प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
इसे भी पढ़िए: Kerala State’s Digital Move: किसानों की किस्मत बदलने को तैयार Digital Crop Survey, होगी रीयल-टाइम डेटा एंट्री

