जानिए सत्यनारायण रेड्डी ने आम की खेती में अपनाईं कौन सी उन्नत तकनीकें, मिल रही आम की भरपूर फसल

आम की खेती में अधिक समय, कीटों के प्रकोप और मौसम की मार के कारण होने वाली फसल हानि के चलते कर्नाटक में बहुत कम किसान ही आम की खेती कर रहे हैं। हालांकि, कुछ किसान ऐसे भी हैं जो वैज्ञानिकों की सलाह पर नई तकनीक और तरीके अपनाकर आम की खेती में अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। एक ऐसे ही किसान हैं सत्यनारायण रेड्डी।

आम की खेती mango cultivation

हाल के कुछ साल में कर्नाटक के किसान आम की खेती में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, बस कुछ किसान ही बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन कर रहे हैं। दरअसल, तेज़ आंधी के कारण मंजर का गिर जाना, जिससे फल नहीं लगते, भारी ओलावृष्टि और अनियमित बरसात, उचित मार्केटिंग चैनल का अभाव जैसे कई कारक आम की कम खेती का कारण हैं।

मगर कर्नाटक के तुमकूर ज़िले के अय्यानहल्ली गाँव के किसान सत्यनारायण रेड्डी 30 एकड़ में आम की खेती कर रहे हैं। हालांकि, वह उत्पादन से खुश नहीं थे। अल्फांज़ो और मल्लिका किस्म की आम उगाने वाल रेड्डी को हर साल सही प्रबंधन का अभाव, मैंगो होपर्स, फ्रूट फ्लाइस जैसे कीटों का हमला और पाउडर फंफूदी रोग और पौधों के मरने के कारण भारी मात्रा में फसल हानि होती थी। कीटों व बीमारियों से बचने के लिए वह दूसरे किसानों की सलाह पर कीटनाशकों का छिड़काव करते थे, मगर कोई फ़ायदा नहीं हुआ। वह अपने आम के बागानों के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह की तलाश में थें।

आम की खेती mango cultivation
तस्वीर साभार- kvktumakuru2

जानिए सत्यनारायण रेड्डी ने आम की खेती में अपनाईं कौन सी उन्नत तकनीकें, मिल रही आम की भरपूर फसल

कृषि विज्ञान केंद्र की पहल से हुआ फ़ायदा

2018-19 में सत्यनारायण रेड्डी को तुमकूर में स्थित ICAR-कृषि विज्ञान केंद्र, हिरेहल्ली के बारे में पता चला। उन्होंने वहाँ बागवानी सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट से संपर्क किया। विभाग के विशेषज्ञों ने उनके आम के बागान का दौरा किया और उन्हें कुछ सुझाव दिए। ये सुझाव कुछ इस तरह है:

  • अर्का माइक्रोबियल कंसोर्टियम 50 किलो प्रति पेड़ के हिसाब से डालने की सलाह से लेकर सिंचाई प्रबंधन की उन्नत तकनीकों के साथ फार्मयार्ड खाद Farmyard manure (FYM) को अपनाना।
  • पौधों में अधिक फूल व एक समान आम आने के लिए मैंगो स्पेशल को फॉयलर स्प्रे के रूप में प्रति लीटर पानी में 5 ग्राम मिलाकर साल में 5 बार स्प्रेयर के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी।
  • फूलों की शुरुआत के दौरान और फूल आने पर हर 8 दिनों के अंतराल पर आम के हॉपर की घटनाओं को कम करने के लिए प्रति लीटर पानी में 7 ग्राम नीम साबुन डालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी।
  • आम फल मक्खियों की निगरानी के लिए प्रति हेक्टेयर 10-15 की संख्या में मक्खी फेरोमोन ट्रैप और तना बेधक के प्रबंधन के लिए अर्का बोरर अपनाने की भी सलाह दी गई।
आम की खेती mango cultivation
तस्वीर साभार: kvktumakuru2

कितनी बढ़ी आमदनी

कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह पर अमल करने के बाद 2019-20 में पहली बेयरिंग से 12 हज़ार किलो अल्फांसो और 29,604 किलोग्राम मल्लिका किस्म की उपज प्राप्त हुई। इस तरह पूरे बाग (12 हेक्टेयर) से उन्हें लगभग 4,96,080 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। 2020-21 के दौरान भी कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह पर अमल करते हुए उन्हें अल्फांसो 13,240 किलोग्राम और मल्लिका की 33,032 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई। इस तरह उन्हें 30 एकड़ के बाग से 5,96,040 की शुद्ध आय प्राप्त हुई।

आम की खेती mango cultivation
तस्वीर साभार- ikvktumakuru2

कृषि विज्ञान केंद्र की मदद का असर

कृषि विज्ञान केंद्र के हस्तक्षेप से पहले वह प्रति हेक्टेयर आम के बागान से 21,380 रुपये की ही कमाई कर पता थें, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी हस्तक्षेप के बाद उनकी कमाई दोगुनी से भी अधिक यानी 45,505 रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र ने उन्हें आम के अधिक उत्पादन की तकनीक बताने के साथ ही फसल की तुड़ाई के बाद देखभाल के बारे में भी बताया। नई तकनीक को अपनाने से उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाले आम की फसल मिली, जिसे बाज़ार में अच्छा दाम भी मिला।

ये भी पढ़ें- Mango Cultivation: आम के पेड़ों पर खिले फूल, कैसे करें बागानों की देखभाल? कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सोनी से जानिए ख़ास टिप्स

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

मंडी भाव की जानकारी

ये भी पढ़ें:

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top