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Dairy Farming: देसी गाय की इस नस्ल के पालन से साल का लाखों कमा रही सूरत की ये महिला

किसानों की रोल मॉडल बनीं जमनाबेन

सूरत की रहने वाली जमनाबेन ने 2015 में छोटे स्तर से डेयरी व्यवसाय में कदम रखा था। आज उनके पास कुल 27 देसी गाय हैं, जिनके दूध उत्पादन से वो अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं।

डेयरी उद्योग (Dairy Farming) एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो मुनाफ़ा सुनिश्चित है। चूंकि दूध की मांग हमेशा रहती है इसलिए इसमें घाटे का सवाल ही पैदा नहीं होता। बस आपको अच्छी नस्ल की गाय-भैंस रखने के साथ ही व्यवसाय के सही प्रबंधन के बारे में जानकारी होनी चाहिए। सूरत की रहने वाली जमनाबेन मगनभाई नाकूम कम लागत में डेयरी प्रबंधन के ज़रिए लाखों की कमाई कर रही हैं।

किस नस्ल की है गाय?

सूरत के तुकड गांव की रहने वाली जमनाबेन ने 2015 में 5 गिर गायों के साथ डेयरी फार्मिंग का व्यवसाय छोटे स्तर पर शुरू किया। 9 महीने बाद उन्होंने 4 और गायें खरीदीं। इस तरह 2017 तक धीरे-धीरे उनके पास 23 गायें हो गई। फिलहाल उनके पास 27 गिर गायें हैं। उन्होंने कच्चा फ़ार्म बनाया हुआ है। दिन के समय गायों को खुले में रखती हैं। 

इनके आहार के लिए वह अपनी 3 हेक्टेयर ज़मीन पर चारे की खेती करती हैं। पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए वह हरा और सूखा चारा दोनों ही सही अनुपात में देती हैं। डेयरी उद्योग को सही तरीके से चलाने के लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र सूरत से ट्रेनिंग ली हुई है। 

गिर गाय की ख़ासियत

जमनाबेन जिन गिर गायों का पालन-पोषण कर रही हैं वह अधिक दूध देने के लिए जानी जाती हैं। इस प्रजाति की गाय 10 से 15 लीटर तक दूध देती हैं और यह गुजरात के गिर वन क्षेत्र में मुख्य रूप से पाई जाती हैं। गुजरात के अलावा, इस नस्ल की गाय महाराष्ट्र और राजस्थान में भी पाई जाती हैं। अधिक दुधारू होने की वजह से ही डेयरी उद्योग में इस गाय की मांग अधिक है। यही नहीं, इस गाय का घी भी बहुत महंगा बिकता है। इसलिए डेयरी व्यवसाय करने वाले यदि इस गाय को पालते हैं तो उनका मुनाफ़ा कई गुना बढ़ सकता है। ध्यान रहे कि अधिक दूध प्राप्त करने के लिए गायों को चारा और दाना सही मात्रा में देना ज़रूरी है।

dairy farming डेयरी व्यवसाय
जमनाबेन अपने फ़ार्म में गायों को चारा देते हुए (तस्वीर साभार: agricoop)

लाखों की कमाई

चार गायों से डेयरी उद्योग शुरू करने वाली जमनाबेन की सूरत की दूध मार्केट में अच्छी पकड़ है। उनके वहां से दूध घर-घर भेजने की भी व्यवस्था है। वह सालाना लगभग 15 लाख रुपये तक कमाई कर रही हैं।

किसानों की रोल मॉडल

कुछ सालों में ही एक सफल उद्यमी बनकर जमनाबेन आसपास के किसानों के लिए रोल मॉडल बन गई हैं। ख़ासतौर पर लो कॉस्ट डेयरी मैनेजमेंट की वजह से। उनकी उपलब्धियों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, सूरत ने भी उन्हें कई प्लेटफॉर्म पर पहचान बनाने और उद्योग को आगे बढ़ाने में मदद दी है।

dairy farming डेयरी व्यवसाय
तस्वीर साभार: agricoop

डेयरी उद्योग में सफलता के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • इस बात में कोई दोराय नहीं है कि डेयरी उद्योग मुनाफ़े वाला व्यवसाय है, लेकिन यह भी सच है कि इसमें अधिक मेहनत और सही प्रबंधन की भी बहुत ज़रूरत होती है। व्यवसाय में सफल होने के लिए पशुओं के रखरखाव से लेकर उनकी सेहत का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।
  • पशुओं का आवास साफ-सुथरा और आरामदायक होना चाहिए। साथ ही मौसम के अनुसार सर्दी, गर्मी और बारिश से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • पशुओं के आवास में पीने के साफ पानी और नहाने के पानी की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि पानी कहीं जमा न हो यानी जल निकासी का इंतज़ाम होना ज़रूरी है।
  • हरे और सूखे चारे की पर्याप्त व्यवस्था भी ज़रूरी है। अधिक दूध उत्पादन के लिए पशुओं को पौष्टिक चारा खिलाना ज़रूरी है।
  • यदि व्यवसाय में अधिक मुनाफ़ा चाहते हैं तो दुधारू पशुओं की अच्छी नस्ल खऱीदें।
  • पशुओं को होने वाले रोगों की जानकारी होना भी ज़रूरी है ताकि समय रहते उसका उपचार करवाया जा सके।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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