जैविक खेती, पशुपालन के बिना मुमकिन ही नहीं है। इन दोनों के तालमेल से किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। लेकिन कैसे? इसका जवाब जानने के लिए किसान ऑफ़ इंडिया की टीम राजस्थान के कोटपूतली पहुंची। यहां रहने वाले किसान नीतीश यादव ने जैविक खेती और पशुपालन के बीच जो तालमेल बिठाया है, वो पूरे इलाके में एक मिसाल बन गया है। आज उनसे सलाह लेने कई युवक और किसान आते हैं।
खेती-किसानी ने दी पहचान
मैनेजमेंट डिग्री होल्डर नीतीश यादव ने जब खेती करने का फैसला किया तो कई लोग उनसे सहमत नहीं हुए। उन्होंने खेती के लिए अपनी प्राइवेट सेक्टर की जॉब छोड़ दी। किसान ऑफ़ इंडिया से खास बातचीत में नीतीश बताते हैं कि खेती ने दो साल में उन्हें जो दिया है, वो शायद ही कोई दूसरा व्यवसाय दे पाता। खेती ने ही उन्हें असल पहचान दी है।
जॉब छोड़ खेती की राह चुनी
नीतीश यादव ने दो साल जॉब करने के बाद 30 साल की उम्र में खेती-किसानी की राह चुनी। नीतीश यादव बताते हैं कि जॉब छोड़कर खेती की तरफ़ आना, एक जोखिम भरा कदम था। लेकिन खेती की तरफ़ उनके रुझान ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने मित्र लेखराम यादव से सलाह ली। लेखराम आज उनके बिज़नेस पार्टनर भी हैं।
शुरुआत में छोटे स्तर से शुरू की जैविक खेती
नीतीश यादव 210 बीघा की पुश्तैनी ज़मीन पर जैविक खेती और पशुपालन करते हैं। 2016 से खेती का रूख करने वाले नीतीश यादव ने बताया कि उनके पास पुश्तैनी ज़मीन तो थी, लेकिन गाय पाल सकें, इतना पैसा नहीं था। इसलिए उन्होंने पहले छोटे स्तर से खेती की शुरुआत की। ड्रिप इरिगेशन तकनीक (Drip irrigation technique) से पपीते की खेती की । इंटर क्रॉपिंग तकनीक (Inter-cropping technique) से टमाटर भी लगाये। शुरुआत में खेती से उतना लाभ नहीं मिला।

कोरोना काल में बढ़ी आमदनी
नीतीश यादव कहते हैं कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान जहां कई व्यवसायों पर ताले लगे, लेकिन उन्हें खेती से अच्छी आमदनी हुई। जब पैसा आने लगा तो उपभोक्ताओं के किचन तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ गौपालन भी शुरू किया।
गौपालन के लिए साहीवाल गाय को चुना
नीतीश यादव ने अपने फ़ार्म में साहीवाल नस्ल की 60 देसी गाय पाली हुई हैं। एक साहीवाल की कीमत 65 से 75 तक रहती है। वो इन गायों को पंजाब के गंगानगर से लेकर आए थे। नीतीश यादव कहते हैं कि ज़्यादातर लोग गुजरात की गिर नस्ल की गाय को सबसे बेहतर मानते हैं, लेकिन राजस्थान के कई इलाकों में पाई जाने वाली साहीवाल गाय भी कुछ कम नहीं।
साहीवाल गाय का दूध सेहत के लिए फ़ायदेमंद
नीतीश यादव कहते हैं कि इस गाय का दूध सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है। उनका दावा है कि जहां दूसरी गायों का दूध किसी पर भी 10 दिन में अपना असर दिखाता है , वहीं साहीवाल गाय का दूध पांच दिन में ही कमाल कर सकता है। साहीवाल गाय की दूध देने की क्षमता भी अच्छी होती है। नीतीश यादव ने बताया कि ये गाय 12 से 18 लीटर तक दूध देती है। ये स्वभाव से शांत मिजाज़ की होती हैं। इस कारण दूध निकालने में दिक्कत नहीं आती।

साहीवाल गायों के रखरखाव में इन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी
साहीवाल गायों के रखरखाव पर नीतीश यादव ने बताया कि ये गाय किसी भी वातावरण में खुद को ढाल लेती हैं। गौशाला की छत को बांस से तैयार किया जाता है। सर्दियों में गौशाला के एक हिस्से को तिरपाल से ढक दिया जाता है। इससे इन गायों को सर्दियों में गर्मी और गर्मियों में ठंडक मिलती है।
गाय के खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की ज़रूरत होती है। नीतीश यादव अपनी गायों को गेहूं का चारा देते हैं। इसके अलावा मूंग, मोठ, चने की चूरी को भी चारे के रूप में देते हैं।

रोज़ाना 240 लीटर दूध का उत्पादन
इन साहीवाल गायों से रोज़ाना 240 लीटर तक दूध का उत्पादन होता है। 150 लीटर दूध सीधा बोतलों में पैक होकर कस्टमर तक पहुंचता है। एक लीटर की कांच की बोतल में दूध की पैकिंग की जाती है। बाकी जो दूध बचता है उससे घी, मक्खन, पनीर तैयार होता है।
गाय के गोबर और गौमूत्र का ऐसे भी कर सकते हैं इस्तेमाल
नीतीश यादव कहते हैं कि गायों के पशुधन से ही डेयरी का खर्चा, फ़ार्म में काम कर रहे लोगों की सैलरी निकल आती है। गाय के गोबर से वर्मीकंपोस्ट तैयार कर किसानों को बेचा जाता है। गोबर का इस्तेमाल दूध पकाने, मज़दूरों का खाना बनाने में भी किया जाता है। इससे लागत के पैसे में कमी आती है।

फ़ार्म में लगी है बायोगैस प्लांट यूनिट
इस फ़ार्म में बायोगैस प्लांट भी लगा हुआ है। एक बायोगैस प्लांट एक हफ़्ते में 5 सिलेंडर जितनी गैस पैदा करता है। गोबर से लकड़ियां भी बनाई जाती हैं। इसके लिए बाकायदा मशीन भी लगी हुई है। गाय के गोबर की लकड़ी पर्यावरण के लिहाज़ से अच्छी मानी जाती है। होटल्स और दुकानों में इन लकड़ियों को बेचा जाता है। गायों के गौमूत्र को भी 30 से 35 रुपये प्रति लीटर की दर से किसानों को बेचा जाता है।

पशुपालन है मुनाफ़े का सौदा
नीतीश यादव कहते हैं कि अगर किसान कुछ बातों का ध्यान रखें तो पशुपालन उनके लिए मुनाफ़े का सौदा बन सकता है। गाय को सिर्फ़ दूध उत्पादन तक ही सीमित न रखें। उनके वेस्ट को कई तरह से इस्तेमाल में लाकर किसान अपनी आमदनी में इज़ाफ़ा कर सकते हैं।
यूरिया की जगह गाय के गोबर का इस्तेमाल
आमतौर पर खेती में नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए किसान यूरिया का इस्तेमाल करते हैं। इस यूरिया का तोड़ नीतीश यादव ने गाय के गोबर से निकाला। गोबर की खाद के इस्तेमाल से वो जैविक खेती करते हैं। 8 रुपये प्रति किलो की दर से इस गोबर खाद को बाहर बेचते भी हैं। नीतीश यादव कहते हैं कि साहीवाल गाय की बदौलत उनके कारोबार को और रफ़्तार मिली है।
पशुपालन से होने वाली आमदनी पर नीतीश यादव कहते हैं कि अभी गौपालन में हर महीने का एक लाख 30 हज़ार तक का खर्च आता है। इस खर्च से तीन लाख तक की आमदनी करने का लक्ष्य है।

साहीवाल गाय की ऐसे करें पहचान
साहीवाल गाय की पहचान कैसे की जाए, इसको लेकर भी नीतीश ने बताया। साहीवाल गाय का मुंह पतला और चपटा होता है। छोटा सिर और दबे हुए सींग होते हैं। इनके पेट के तरफ़ की खाल लटकी हुई होती है। पीठ की ओर कूबड़ निकला हुआ होता है।

नीतीश यादव कहते हैं कि आज खेती ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है, जहां लोग उन्हें और उनके काम को इज़्ज़त की नज़र से देखते हैं। आज नीतीश यादव सबको गर्व से कहते हैं कि उनका व्यवसाय खेती है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

ये भी पढ़ें:
- ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान से हिमाचल के किसानों को घर बैठे मिलेगी फसल बीमा की पॉलिसी, जानिए प्रोसेसआंकड़ों पर नजर डालें तो ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान काफी बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। जिले में कृषि लोन लेने वाले कुल 13,241 किसानों ने अपनी मक्का और धान की फसलों का बीमा कराया है।
- खेत बचाओ अभियान 2026: शिवराज सिंह चौहान की देश के 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, व्यापक जनभागीदारी का लक्ष्यकृषि मंत्री चौहान ने महत्वाकांक्षी ‘खेत बचाओ अभियान’ की तैयारियों को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की
- ZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए बनीं मिसालZT Lalrithangi और Priyanka Mahesh Shelke को इटली में FAO के ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ सम्मान से नवाजा गया।
- Self-Help Group women कैसे बन रहीं आत्मनिर्भर, 3 करोड़+ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिलSelf-Help Group women कैसे बन रहीं आत्मनिर्भर? जानें लखपति दीदी का लक्ष्य, ग्रामीण कारोबार और SARAS मेले से जुड़े मौक़े।
- राजस्थान के किसानों को बड़ी सौगात: फ्री मिलेगा सरसों का उन्नत बीज, कम पानी में होगी दोगुनी कमाईइस योजना के तहत सरसों की नई उन्नत किस्म आरएच-1706 दी जाएगी, जिसे 2023 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने विकसित किया है।
- ESTIC 2026 में ICAR दिखाएगा कृषि की नई तकनीकें, जलवायु के अनुकूल फ़सलों से लेकर AI तक पर रहेगा ज़ोरICAR के ESTIC 2026 प्रदर्शन में जीन एडिटिंग, मिट्टी की जांच में AI, पशु स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी नई कृषि तकनीकें देखने को मिलेंगी।
- World Food Day 2026: अन्न से अन्नदाता तक, जब भारत की थाली दुनिया का पेट भरेगीWorld Food Day 2026: भारत में हर साल लगभग 68.9 मिलियन टन खाद्य पदार्थ बर्बाद होता है, जिसकी कीमत 1.53 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।
- तेलंगाना में किसानों को सौगात: कृषि यंत्रीकरण योजना में अब 60 फीसदी तक सब्सिडी, ब्रांड की बाध्यता ख़त्मराज्य सरकार ने इस बार कृषि यंत्रीकरण योजना में एक अहम बदलाव किया है। अब किसानों को किसी ख़ास कंपनी या अधिकृत डीलर से ही यंत्र खरीदने की बाध्यता नहीं रहेगी।
- 10th National Convention of Agrivision में शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, जल्द बनेगी कृषि परिषद10th National Convention of Agrivision में कृषि परिषद, फर्जी डिग्रियों पर रोक और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
- Mahila Kisan Diwas 2026: 59.8 फीसदी शक्ति जो है भारतीय कृषि का असली चेहरा, अन्न से अधिकार तक का सफ़रWomen Farmers’ Day 2026: Periodic Labour Force Survey (PLFS) की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-दिसंबर 2025 के दौरान भारत के कृषि कार्यबल (Agricultural workforce) में महिलाओं की हिस्सेदारी 59.8 फीसदी रही।
- PM धन-धान्य कृषि योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर, शिवराज सिंह चौहान ने ज़िलों को दिया किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्यPM धन-धान्य कृषि योजना में स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार खेती सुधारने, विभागों का तालमेल बढ़ाने और किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने पर ज़ोर दिया गया।
- हरियाणा सरकार की डेयरी योजना से बढ़ाएं कमाई, भैंस खरीदने के लिए 1.30 लाख की आर्थिक मददइस पहल के तहत पात्र परिवारों को भैंस खरीदने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से 80,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, वीटा डेयरी की ओर से 50,000 रुपये की अतिरिक्त मदद देने की जानकारी भी सामने आई है।
- मध्यप्रदेश में अब घर के दूध की भी होगी साइंटिफिक जांच! 12.40 करोड़ की लागत से पहली अत्याधुनिक डेयरी लैबये प्रयोगशाला केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट परियोजना के तहत 12.40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: पीएम-किसान योजना 2031 तक बढ़ी, 3.15 लाख करोड़ की ऐतिहासिक सौगातहर किस्त में 2,000 रुपये आधार सत्यापन और Direct Benefit Transfer के ज़रिए दिए जाते हैं। राज्य सरकारों के ज़रिए लाभार्थियों की लिस्ट का वैरिफिकेशन पहले की तरह आगे भी जारी रहेगा
- National Biodiversity Authority ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बांटे 2.02 करोड़ रुपये, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावाNational Biodiversity Authority की राशि से पारंपरिक फ़सलों, औषधीय पौधों और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
- उत्तर प्रदेश सरकार का 65 लाख मीट्रिक टन धान ख़रीद का रिकॉर्ड लक्ष्य, किसानों को होगा सीधा फायदा!ये नई धान क्रय नीति किसानों के लिए कई मायनों में वरदान साबित होगी। पहला,बढ़ा हुआ MSP सीधे उनकी जेब में आएगा। दूसरा, फार्मर आईडी से रजिस्ट्रेशन की परेशानी खत्म होगी।
- पूजा घी पर सरकार का बड़ा फैसला: अब ‘घी’ नाम से नहीं बिकेंगे अखाद्य उत्पादअब पूजा के लिए बनाए जाने वाले अखाद्य उत्पादों के पैकेट पर ‘घी’ शब्द लिखना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन्हें ‘पूजा के लिए घी’ कहकर भी प्रचारित नहीं किया जा सकेगा।
- कमर्शियल लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना: ओड़िशा सरकार पोल्ट्री फार्म खोलने पर दे रही 10 करोड़ की सब्सिडीओडिशा सरकार की कमर्शियल लेयर पोल्ट्री फार्मिंग योजना न सिर्फ अंडा उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
- Food Processing में युवाओं के लिए बड़े मौक़े, चिराग पासवान ने नौकरी ढूंढने के बजाय रोज़गार देने की कही बातFood Processing में तकनीक, नए कारोबार और मूल्य संवर्धन से किसानों की आमदनी बढ़ाने और खाद्य बर्बादी घटाने के अवसरों पर ज़ोर दिया गया।
- शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-IIAB में शुरू की नई सुविधाएं, 1,500 किसानों को मिली खेती की जानकारीशिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम में किसानों को उन्नत बीज, संतुलित खाद, पशुपालन और रबी फ़सलों की बेहतर देखभाल की जानकारी मिली।




















