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जानवरों से फसल की सुरक्षा कैसे करें? अपनाइये ये तरीका

अश्वगन्धा, एलोवेरा और करेला जैसी फसलें चरना जानवरों को पसन्द नहीं है

कई ऐसी फसलें हैं जो जानवरों को चरने के लिए पसन्द नहीं हैं। मिसाल के तौर पर अश्वगन्धा, एलोवेरा और करेला। इनकी खेती को कैसे अपनाएँ और कैसे अपनी कमाई बढ़ाकर खुशहाली हासिल करें? इसके लिए पढ़े किसान ऑफ़ इंडिया। जानवरों को नापसन्द फसलों के अलावा खेती की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रानिक चौकीदारी की तकनीक भी विकसित की है। इसे भी अपनी ज़रूरत के मुताबिक किसानों को अपनाने के लिए आगे आना चाहिए।

जानवरों से फसल की सुरक्षा: किसान ऑफ़ इंडिया की ओर से प्रगतिशील किसानों को लगातार ये जानकारी दी जाती  है कि वो कैसे आधुनिक और उन्नत खेती की तरक़ीबें अपनाकर अपनी ख़ुशहाली बढ़ा सकते हैं। देश के कई इलाके ख़ासकर संरक्षित जंगलों और वाइल्ड लाइफ़ से जुड़े राष्ट्रीय पार्कों (wild life parks and national sanctuaries) के आसपास के इलाके नील गायों और अन्य जानवरों के प्रकोप से पीड़ित रहे हैं।

ऐसे ही कुछ इलाकों के किसानों ने हमसे जानना चाहा है कि वो अपने फसल को जंगली जानवरों या आवारा पशुओं या मवेशियों से होने वाले नुकसान से कैसे बचाएँ?

तो जानते हैं जानवरों से फसल की सुरक्षा के बारे में..

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इस सवाल के जबाब में हम आपको बताना चाहेंगे कि कई ऐसी फसलें हैं जो जानवरों को चरने के लिए पसन्द नहीं हैं। मिसाल के तौर पर अश्वगन्धा, एलोवेरा और करेला (Ashwagandha, Aloe Vera and Bitter Gourd)। इनकी खेती को कैसे अपनाएँ और कैसे अपनी कमाई बढ़ाकर खुशहाली हासिल करें? इसके लिए आप इस स्टोरी में दिये गये वेबलिंक्स को क्लिक करें।

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नापसन्द फसलों के अलावा जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रानिक चौकीदारी की तकनीक भी विकसित की है। इसे भी अपनी ज़रूरत के मुताबिक किसानों को अपनाने के लिए आगे आना चाहिए।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
मंडी भाव की जानकारी

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