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मोहम्मद आमिर ने 4 गायों से की डेयरी व्यवसाय की शुरुआत, दूध उत्पादन से चार गुना बढ़ी आमदनी

प्रतिदिन 140 लीटर दूध का उत्पादन

डेयरी व्यवसाय से जुड़ी सभी गतिविधियां जैसे शेड की सफ़ाई, पशुओं को चारा देना, दूध निकालना, चारे को पानी देना, चारा काटने आदि का काम मोहम्मद आमिर और उनके पिता खुद ही करते हैं, बिना किसी मज़दूर की मदद के। वह आधा एकड़ में Co.4 और एक एकड़ में SSG हरे चारे की खेती करते हैं।

छोटे व सीमांत किसान जिनके पास कृषि योग्य भूमि कम है या सिंचाई की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण खेती से अच्छा मुनाफ़ा नहीं कमा पाते हैं, वह अतिरिक्त आमदनी के लिए डेयरी व्यवसाय कर सकते हैं। तेलंगाना के रंगा रेड्डी ज़िले के किसान मोहम्मद आमिर डेयरी फ़ार्मिंग शुरू करने से पहले मुश्किल से अपने परिवार का खर्च उठा पाते थे, लेकिन अब वह अच्छा मुनाफ़ा कमा रहे हैं। अपने परिवार को अच्छी ज़िंदगी देने में सफल हुए हैं। उन्होंने सिर्फ़ 4 क्रॉस ब्रीड गायों से डेयरी की शुरुआत की थी।

खेती पर थी निर्भरता

किसान मोहम्मद आमिर के पास 3 एकड़ भूमि है, जिसमें से सिर्फ़ एक एकड़ ही सींचित है।  उनका परिवार पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर था। डेयरी फ़ार्मिंग शुरू करने से पहले सालान आमदनी करीब एक लाख 20 हज़ार रुपये होती थी। इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता था।

डेयरी व्यवसाय dairy farming business
तस्वीर साभार: Animal Husbandry Department, Telangana

डेयरी फ़ार्मिंग की शुरुआत

मोहम्मद आमिर ने 2011-12 में 4 क्रॉस ब्रीड गायों के साथ डेयरी फ़ार्मिंग की शुरुआत की।  उन्होंने खुद को और अपने पिता को विजया डेयरी सहकारी समिति में पंजीकृत कराया। सरकार के दुधारू पशु वितरण कार्यक्रम के तहत 80 हज़ार रुपये की यूनिट कॉस्ट (50 प्रतिशत सब्सिडी) के साथ 2 क्रॉस नस्ल की गायें लीं। उन्होंने ये दो गायें कर्नाटक के चिंतामणि से खरीदी। गायों की संख्या बढ़ाने के लिए उन्होंने वैज्ञानिकों की सलाह पर कृत्रिम गर्भाधान (Artificial insemination) का सहारा लिया। आज उनके पास 16 गायों समेत 8 बछड़े भी हैं।

डेयरी फ़ार्मिंग की सभी गतिविधियां जैसे शेड की सफ़ाई, पशुओं को चारा देना, दूध निकालना, चारे को पानी देना, चारा काटने आदि का काम मोहम्मद आमिर और उनके पिता खुद ही करते हैं, बिना किसी मज़दूर की मदद के। वह आधा एकड़ में Co.4 और एक एकड़ में SSG हरे चारे की खेती करते हैं। चारे की बर्बादी कम करने के लिए वह चारा कटर का इस्तेमाल करते हैं। वह मिल्किंग मशीनों की मदद से गायों का दूध निकालते हैं। प्रतिदिन 140 लीटर दूध का उत्पादन होता है।

डेयरी व्यवसाय dairy farming business
तस्वीर साभार: Animal Husbandry Department, Telangana

कितनी हो रही आमदनी?

मोहम्मद आमिर अपने गाँव में विजया डेयरी दूध संग्रह केंद्र एजेंसी भी चलाते हैं और एजेंसी से उन्हें अतिरिक्त आय हो रही है। वह दूध को गांव में विजया डेयरी संग्रह केंद्र में बेचते हैं, जिससे प्रतिदिन 4200 रुपये की आमदनी होती है। इस तरह डेयरी फ़ार्मिंग से उन्हें सालाना करीब 5,40,000 रुपये की आमदनी हो रही है। इसमें कृषि से होने वाली आय शामिल नहीं है।

डेयरी व्यवसाय dairy farming business
तस्वीर साभार: Animal Husbandry Department, Telangana

ये भी पढ़ें: डेयरी सेक्टर की एक बड़ी समस्या का हल है Artificial Insemination, डॉ. गजेन्द्रसिंह बामनिया कर रहे नस्लों में सुधार और बढ़ाया कारोबार

मोहम्मद आमिर की सफलता से गांव के अन्य किसान भी डेयरी फ़ार्मिंग के लिए प्रेरित हुए हैं। वैज्ञानिक सलाह और नई तकनीक का इस्तेमाल करके किसान डेयरी फ़ार्मिंग से अच्छी आमदनी प्राप्त करके अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकते हैं। डेयरी फ़ार्मिंग से मुनाफ़ा प्राप्त करने के लिए किसानों को अच्छी नस्ल के पशुओं का चुनाव करने के साथ ही उनके रखरखाव व चारे का भी उचित प्रबंधन करना ज़रूरी है। साथ ही समय पर टीकाकरण व रोगों की रोकथाम के उपाय करने आवश्यक है।

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